नई दिल्ली. भारत और यूनाइटेड किंगडम (India-UK) ने वैश्विक स्तर पर किसी भी तरह की आ’तंकी गतिविधि की आ’लोचना की है. आ’तंक की रोकथाम के लिए भारत-यूके ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप की बैठक 21-22 जनवरी को संपन्न हो गई. बैठक के बारे में विदेश मंत्रालय ने बताया है कि भारत-यूके ने दक्षिण एशिया में आतंक के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है.
हर तरह के आ’तंक के खात्मे के लिए हुई चर्चा
साथ ही आतंक की समाप्ति को लेकर कई विचारों का आदान-प्रदान हुआ. इनमें अतिवाद को रोकने, आतंक की वित्तीय व्यवस्था तोड़ने सहित अन्य कई मुद्दों पर चर्चा हुई है. विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत और यूके ने यूनाइटेड नेशंस द्वारा सुझाए गए आतंकी समूहों से खतरे को लेकर भी समीक्षा की है. दोनों देशों ने एकदम साफ तरीके से कहा है कि दुनिया का कोई भी क्षेत्र आतंकी गतिविधि के लिए नहीं इस्तेमाल होना चाहिए.
कोविड-19 महामारी के दौरान आ’तंक के खि’लाफ अभियान पर भी चर्चा हुई
विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक-बैठक के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि किसी भी देश को अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के बढ़ाने के लिए नहीं होने देना चाहिए. बैठक में कोविड-19 महामारी के दौरान आतं’क के खि’लाफ अभियान पर भी चर्चा हुई.

lभारत में यूके के नए उच्चायुक्त एलेक्स
गौरतलब है कि दो दिन पहले ही भारत में यूके के नए उच्चायुक्त ने अपना कार्यभार संभाला है. दिल्ली आने के बाद अपने वीडियो संदेश में एलेक्स ने कहा है कि मुझे अपने नए घर दिल्ली में आपसे बातचीत करते हुए बेहद प्रसन्नता हो रही है. उन्होंने भारत और यूके के बीच का सहयोग का जिक्र ऑक्सफोर्ड एस्ट्रेजेनेका वैक्सीन के संदर्भ में किया. उन्होंने क्लाइमेट चेंज के लिए काम करने को भारत और यूके की साझा जिम्मेदारी बताया है.





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