नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने कानून व्यवस्था को लेकर फिर सवाल उठाया है। सोमवार को कई आ’पराधिक घ’टनाओं की खबरों को टैग करते हुए उन्होंने ट्वीट किया। तेजस्वी ने कहा कि बिहार में कानून व्यवस्था की इतनी बदहाल स्थिति है कि अप’राधियों द्वारा आमजनों को कीड़े-मकोड़ों की तरह मारा जा रहा है। उन्होंने आ’रोप लगाया कि सरकार गुं’डों के सामने आत्मस’मर्पण कर चुकी है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री की उनकी कैबिनेट व गठबंधन के नेता ही नहीं, अधीनस्थ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी भी नहीं सुनते। एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा कि मौजूदा सरकार में अप’राधियों की मौज ही मौज है।
वहीं प्रदेश जदयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर पल’टवार किया है। कहा है कि जिसका खुद का शासन ‘जंगलराज’ के नाम से जाना जाता रहा हो, वो दूसरे पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। बिहार की जनता को कीड़ा-मकोड़ा तो राजद के शासन में समझा जाता था। जान की कोई कीमत ही नहीं थी।
संजय सिंह ने कहा कि तेजस्वी यादव को मालूम होना चाहिए कि कुछ तस्वीरें हैं, जो उनके माता-पिता के शासन काल में काफी चर्चा में रही थी। 18 मार्च 1999 को सेनारी नरसं’हार हुआ था, जिसमें 34 लोगों को मौ’त के घा’ट उतार दिया गया था। उस समय उनके माता-पिता संयुक्त रूप से सरकार चलाते थे। गया जिले के बारा गांव में 12 फरवरी 1992 को 35, 30 नवंबर और 1 दिसंबर, 1997 की रात को नरसंहा’र में 58, 25 जनवरी 1999 की रात जहानाबाद जिले में 22, 1996 में भोजपुर जिले के बथानी टोला गांव में 22, औरंगाबाद के मियांपुर में 16 जून 2000 को 35 लोगों की ह’त्या कर दी गई थी। 1994 से 2005 के बीच पुलिस हिरा’सत में 86 मौ’तें हुई थीं।







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