कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (West Bengal CM Mamata Banerjee) ने सोमवार को कहा कि हम चाहते हैं कि केंद्र नेताजी सुभाष चंद्र बोस (Netaji Subash Chandra Bose) की सभी फाइलों को रद्द कर दिया जाना चाहिए, जिन्हें अभी तक किया जाना है. मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा कि मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि हमने आजादी के बाद नेताजी सुभाष चंद्र बोस के लिए कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं किया है. मैंने 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने के लिए केंद्र को पत्र लिखा है. यह मेरी मांग है. ममता बनर्जी ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती 23 जनवरी को राज्य में ‘देश नायक दिवस’ के तौर पर मनाई जाएगी.
ममता बनर्जी ने कहा कि 23 जनवरी को कोलकाता के श्यामबाजार से नेताजी प्रतिमा तक दोपहर 12:15 बजे पुलिस बैंड के साथ रैली निकाली जाएगी. 26 जनवरी को नेताजी के जीवन पर आधारित थीम पर एक झांकी भी प्रदर्शित की जाएगी. ममता बनर्जी ने कहा कि मैं देश में सभी लोगों साथ ही एनआरआई से ये निवेदन करना चाहती हूं कि वह 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर अपराह्न 12 बजकर 15 मिनट पर शंख बजाएं.
बता दें इससे पहले खबर आई थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) 23 जनवरी को पश्चिम बंगाल (West Bengal) के दौरे पर जा सकते हैं. 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस (Netaji Subhash Chandra Bose) की जयंती है, ऐसे में राज्य इकाई ने प्रधानमंत्री मोदी को न्योता दिया है. हालांकि अभी इस पर कोई आधिकारिक तौर पर फैसला नहीं लिया गया है.
केंद्र सरकार ने किया है उच्च स्तरीय समिति का गठन
केंद्र सरकार ने स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मनाने के लिए सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है. संस्कृति मंत्रालय की ओर से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक यह समिति 23 जनवरी से एक वर्ष तक 125वीं जयंती के वर्ष में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों व समारोहों की रूपरेखा तय करेगी. भारत के स्वाधीनता संग्राम में बोस की भूमिका को देखते हुए केंद्र सरकार ने व्यापक स्तर पर उनकी जयंती मनाने का फैसला किया है.
गौरतलब है कि 2021 में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव भी प्रस्तावित हैं. नेताजी सुभाष चंद्र बोस पश्चिम बंगाल में न सिर्फ एक क्रांतिकारी के तौर पर देखे जाते हैं बल्कि समाज में उनका गहरा प्रभाव है. 2019 लोकसभा चुनाव में मिली जबरदस्त कामयाबी से उत्साहित बीजेपी आगामी विधानसभा चुनाव जीतने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है. इसी क्रम में माना जा रहा है कि पार्टी सुभाष चंद्र बोस के आम बंगाली मानस के मन में प्रभाव को भी भुनाना चाहती है.






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