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नीतीश के सामने बैकफुट पर आई BJP ! राजद बोला- भाजपा देगी चोट तो हम लगाएंगे मरहम

पटना. अरुणाचल प्रदेश में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के छह विधायकों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) शामिल होने के बाद से बिहार के राजनीति में जो उबाल आया वह अब भी जारी है. राजद नेताओं के बार-बार यह कहने पर कि सीएम नीतीश एक बार फिर महागठबंधन (Mahagathbandhan) में शामिल हो सकते हैं, पर राजनीति लगातार जारी है. नये साल के आगाज के साथ ही जब एक जनवरी को बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी (Rabri Devi) ने भी कह दिया कि हां, इस मुद्दे पर राजद में विचार चल रहा है कि नीतीश कुमार को साथ लाया जाए. इसके बाद से राजनीति और गर्म हो गई. हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने तत्काल ही इस पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि उनके सामने किसी प्रकार का कोई सियासी संकट नहीं है. मगर लगता है एनडीए के भीतर सबकुछ सही नहीं होने के भी संकेत मिल रहे हैं. इस बीच सियासी हलचल के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद ने ऐसा बयान दिया है जिससे लगता है कि नीतीश कुमार के सामने बैकफुट पर भी आती नजर आ रही है.

बीजेपी सांसद अजय निषाद (BJP MP Ajay Nishad) ने कहा है कि नीतीश कुमार के एनडीए छोड़ने का सवाल ही नहीं है. दोबारा एनडीए में आने के बाद अब नीतीश कुमार कहीं नहीं जाएंगे. जेडीयू-बीजेपी में थोड़ी असहमति है भी तो उसे ख़त्म कर दिया जाता है. जेडीयू-बीजेपी, दोनों चाहती है कि सरकार पूरे पांच साल चले. विकास के मुद्दे पर हमें काम करना है. भाजपा सांसद ने बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार में देरी पर कहा कि बड़ी पार्टी होने के बावजूद बीजेपी ने जब मुख्यमंत्री का बड़ा पद दे दिया तो बीजेपी के मंत्री कम भी बनते हैं तो भी कोई परेशानी नहीं होगी. सब ठीक रहेगा. लालू यादव का ऑडियो वायरल हुआ था जब उस वक़्त  टूट नहीं हुई तो अब जेडीयू या भाजपा में  टूट की कोई आशंका नहीं है.

वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बिहार में सियासी संकट नहीं होने के बयान ने बिहार की राजनीति को फिर से गरमा दिया है. नीतीश कुमार के बयान पर भाजपा ने विपक्षी नेताओं को आड़े हाथों लिया है. भाजपा सांसद रामकृपाल यादव ने कहा है कि बिहार में विपक्षी नेताओं को सत्ता की लालच हो गई है इसलिए नीतीश कुमार के प्रति हमदर्दी जता रहे हैं. बीजेपी सांसद ने कहा कि सत्ता के लिये लार टपकाने से कुछ नहीं होगा क्योंकि बिहार में एनडीए मजबूत है और भाजपा जदयू संबंधों पर कोई आंच नहीं आने वाली है.

दूसरी ओर नीतीश कुमार के बिहार में सियासी संकट नहीं के बयान पर कांग्रेस कांग्रेस नेता प्रेमचंद मिश्रा ने कहा है कि जिस गठबंधन में संकट होगा उसके नेता भला कैसे बोलेंगे कि संकट है? बिहार में भाजपा और जदयू के बीच लगातार अंतर्विरोधउभर रहा है. हालांकि प्रेमचंद्र मिश्रा ने यह भी कहा कि महागठबंधन के नेताओं को नीतीश कुमार को फिलहाल कोई ऑफर नहीं देना चाहिए. नीतीश के भाजपा से अलग होने पर ही महागठबंधन में शामिल होने का ऑफर देना चाहिए.

वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान पर राजद नेता विजय प्रकाश ने कहा कि  नीतीश कुमार भाजपा के दबाव में हैं. आमिर सुहानी को सामान्य प्रशासन विभाग से इसलिए हटाया गया कि भाजपा के सेकेंड लाइन के नेताओं के दबाव था. भाजपा के दूसरे दर्जे के नेताओं के आदेश को भी नीतीश कुमार मान रहे हैं. जब-जब नीतीश कुमार को भाजपा से चोट लगेगी महागठबंधन उस पर मरहम लगाता रहेगा. महागठबंधन में शामिल होने के लिए ऑफर देता रहेगा.

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