भारत में आर्थिक वृद्धि दर में नरमी के बावजूद बड़े शहरों में कार्यालय स्थल किराए का बाजार मजबूत बना हुआ है। एशिया प्रशांत क्षेत्र में ते’जी से महंगे होते 20 कार्यालय स्थलों में भारतीय शहरों का दबद’बा रहा है। बेंगलुरु केंद्रीय व्यावसायिक जिला (सीबीडी) सबसे आगे रहा है। वहीं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का कनॉट प्लेस सूची में सातवें और मुंबई का बांद्रा कुर्ला परिसर 11वें स्थान पर रहा है।अंतरराष्ट्रीय संपत्ति सलाहकार नाइट फ्रैंक की ताजा तिमाही रिपोर्ट के एशिया-पैसिफिक प्राइम ऑफिस रेंटल इंडेक्स-2019 के अनुसार बेंगलुरु में एमजी रोड, इन्फैंट्री रोड और रेजिडेंसी रोड जैसे इलाकों वाले केंद्रीय व्यावसायिक क्षेत्र (सीबीडी) में कार्यालय-स्थल के किराये में सबसे अधिक 17.6% सालाना वृद्धि द’र्ज की गई है। नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा, ऑफिस की जगह का बाजार भारत में लगातार बढ़ रहा है और यह सब किराया दर में झलकता है।

रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली का कनॉट प्लेस और मुंबई में बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) बाजारों में 2019 की तीसरी तिमाही में तुलनात्मक किराया वृद्धि 4.4% और 2% सालाना थी। दिल्ली एनसीआर और मुंबई के केंद्रीय व्यावसायिक इलाकों को ऑफिस के किराए के लिहाज से 5वें और 7वें सबसे महंगे बाजार के रूप में रखा गया। इसमें औसत मासिक किराया करीब 3,626 रुपये (51.8 डॉलर) प्रति वर्गमीटर और 3,223 रुपये (46.2 डॉलर) प्रति वर्गमीटर है।

रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु के बाद दूसरे और तीसरे स्थान पर मेलबर्न और बैंकॉक के सीबीडी का स्थान रहा, जहां पर कार्यालय के किरायों में क्रमश: 15.5% और 9.4% की सालाना वृद्धि देखी गई। वहीं, मासिक किराये में हांगकांग करीब 14,462 रुपये (206.6 डॉलर) प्रति वर्गमीटर के साथ एशिया प्रशांत क्षेत्र में सबसे महंगा बाजार था। इसके बाद टोक्यो (110.9 डॉलर प्रति वर्गमीटर) और सिंगापुर (80.5 डॉलर प्रति वर्गमीटर) का स्थान रहा।

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