नई दिल्ली. बीते 9 महीने से कोरोना वायरस (Corona Virus) के साए में जी रहे लोगों को अब वैक्सीन (Vaccine) की आस बंधी है. लोग उम्मीद कर रहे हैं कि वैक्सीन के साथ इस महामारी (Pandemic) के बुरे दौर (Bad Phase) का अंत होगा. अब स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने शुक्रवार को बताया है कि कोरोना वैक्सिनेशन स्वेच्छा पर आधारित होगा. जिसे भी टीकाकरण करवाना है, उसे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा. दरअसल मंत्रालय ने कोरोना वैक्सीन संबंधित पूछे जा रहे सवालों की एक लिस्ट बनाई थी जिस पर एक-एक कर जवाब दिया गया है.
भारत बायोटेक-आईसीएमआर समेत 6 वैक्सीन का जिक्र किया गया
मंत्रालय ने कहा- कोविड वैक्सिनेशन स्वेच्छा के आधार पर किया जाएगा. हालांकि यह सलाह दी जाती है कि वैक्सीन का पूरा डोज लें. इससे आप खुद को बीमारी से दूर रख सकेंगे साथ ही इसके प्रसार से दूसरों को भी बचा सकेंगे. मंत्रालय ने बताया है कि कई वैक्सीन अपने फाइनल स्टेज के विभिन्न चरणों में हैं. भारत बायोटेक-आईसीएमआर समेत 6 वैक्सीन का जिक्र किया गया.
सुरक्षा संबंधी सभी मानक पूरे किए जाएंगे
वैक्सीन कितनी सेफ है के सवाल पर मंत्रालय ने कहा कि कोई भी वैक्सीन रेगुलेटरी अथॉरिटी के अप्रूवल के बाद ही लोगों को दी जाएगी. सुरक्षा संबंधी सभी मानक पूरे किए जाएंगे. हालांकि अन्य वैक्सीन की तरह कोरोना वैक्सीन के भी कॉमन साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं जैसे बुखार, दर्द इत्यादि. दो डोज में दी जाने वाली वैक्सीन 28 दिनों के अंतराल पर लेनी होगी.
राज्यों को वैक्सीन संबंधी साइड इफेक्ट्स को लेकर भी तैयार रहने की ताकीद
बताया गया कि राज्यों को वैक्सीन संबंधी साइड इफेक्ट्स को लेकर भी तैयार रहने की ताकीद की गई है. इसे भी सुरक्षित वैक्सीन डेलिवरी का एक हिस्सा माना गया है. मंत्रालय ने यह भी बताया कि कैंसर, डायबिटीज, बीपी जैसे रोगों का पहले से इलाज करा रहे लोगों को वैक्सीन प्राथमिकता के आधार पर दी जाएगी क्योंकि ये लोग हाई-रिस्क जोन में हैं.






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