कोरोना वायरस सं’क्रमण के मद्देनजर लगातार विद्यालय बंदी को लेकर शिक्षा बचाओ अभियान मो’र्चा के तहत जिले के कोचिंग संस्थानों, गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों, मान्यता प्राप्त विद्यालयों एवं प्राइवेट ट्यूटर एसोसिएशन के शिक्षकों एवं प्रशिक्षण कर्मचारियों के साथ-साथ जागरूक अभिभावकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शैक्षणिक स’मस्याओं से सम्बंधित एक माँग पत्र जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह, अनुमंडलाधिकारी पूर्वी कुंदन कुमार और जिला शिक्षा पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत राज्य शिक्षा मंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष को ज्ञापन की प्रतिलिपि भेजी गई

डीएम को सौंपे ज्ञापन के अनुसार यह मांग की गई है की कोरो’ना महामा’री के फलस्वरुप घोषित लॉ’क डाउन के कारण मार्च से अभी तक सभी निजी विद्यालय एवं कोचिंग संस्थान बंद पड़े हैं जबकि सभी व्यवसायिक संस्थानों मॉल एवं बाजार खुले हुए हैं. सभी जगहों पर बच्चों को अकेले ही अपने अभिभावकों के साथ देखा जा रहा है और वह भी बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के उ’ल्लंघन के साथ. विद्यालय यह कोचिंग संस्थान उन नियमों का पालन करने के साथ-साथ पढ़ाई की सुचारू व्यवस्था बच्चों को देना चाह रहा है, जिसकी जरू’रत उन बच्चों को है.
मोर्चा द्वारा कहा गया की ऑनलाइन पढ़ाई किसी भी स्थिति में ऑफलाइन पढ़ाई का विक’ल्प नहीं है यह बातें बच्चे एवं उनके अभिभावक भी कहते हैं. ऐसी स्थिति में संगठन हर स्तर के विद्यालयों एवं कोचिंग संस्थानों को खो’लने की अनुम’ति राज्य सरकार से लेने की अपी’ल करता है.

मोर्चा द्वारा जिला प्रशासन को दिए गए मां’ग पत्र के अनुसार जिला शिक्षा विभाग द्वारा पटना जिला प्रशासन या अन्य जिला प्रशासन की तर्ज पर शिक्षा के अधिकार अधिनियम (जहां विद्यालय शु’ल्क नहीं लेने का कोई प्रावधान नहीं है) के तहत विद्यालय शु’ल्क लेने पर कोई बिंदुवार आदेश जारी नहीं किए जाने का फा’यदा उठाते हुए अभिभावक विद्यालयों को अपने बच्चों का विद्यालय शुल्क 10 महीनों से ज’मा नहीं करवा रहे हैं.
शिक्षा बचाओ अभि’यान मो’र्चा द्वारा विद्यालयों एवं कोचिंग संस्थानों एवं शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों की तरफ से अनु’रोध करते हुए कहा गया कि हमारे और संपूर्ण जिले के अभिभा’वक होने के नाते हमारी आवाज राज्य सरकार तक पहुंचाने का क’ष्ट करें.
मोर्चा ने कई बिं’दुओं पर ध्यान आ’कृष्ट कराते हुए जिला प्रशासन से वि’चार करने एवं अपने सका’रात्मक पहल से विद्यालयों एवं कोचिंग संस्थानों के साथ-साथ उनके शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी करण को रा’हत देने की माँ’ग की है.
सभी विद्यालयों एवं कोचिंग संस्थानों अवि’लंब खोलने की अनुम’ति दी जाए, अगर हर वर्ग के लिए नहीं तो कम से कम वर्ग षष्टम से सभी वर्गों को खो’लने की अनुम’ति दी जाए.

बच्चों को उनके घर से सुर’क्षित लाने और पहुंचाने के लिए विद्यालय में कोचिंग संस्थानों को कोरो’ना वाय’रस निय’मों के साथ ट्रांसपो’र्ट व्यवस्था लागू करने का आदेश दिया जाए.
उन्होंने किसानों और मजदूरों को दिए गए वि’त्तीय सहा’यता के तौर पर सभी निजी विद्यालयों एवं कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों के बैंक खातों में प्रतिमा एक उचित मुआ’वजा राशि के स्थानांतरण की अपी’ल राज्य सरकार से की जाएं.
विद्यालयों में कोचिंग संस्थानों की गाड़ियों को लॉ’क डाउन के दरमियान परिचा’लन नहीं होने के कारण परिवहन संबंधित सभी तरह के शु’ल्क पर रो’क लगाई जाए. काफी दिनों से बं’द पड़े रजिस्टर्ड विद्यालय एवं कोचिंग संस्थानों को तत्काल वित्ती’य सहा’यता जारी की जाए. उन्होंने कहा कि भु’खम’री के शि’कार हो रहा है शिक्षकों को आत्मह’त्या जैसी व्यव’स्था से निदान दिलवाने में अपनी महती भू’मिका अदा करें.





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