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मुजफ्फरपुर : जिले की 10 बड़ी वारदात, जिनमें अंजाम तक नहीं पहुंच पाई पुलिस

जिले में पिछले कुछ वर्षाें में कई ऐसी वार’दात हुई जाे देश-राज्य स्तर तक चर्चा में रही। लेकिन, इन बड़ी वारदात में भी महीनाें-वर्षाें बाद तक पुलिस अंजाम तक नहीं पहुंच पाई है। सवाल कां’ड के बाद जाे थे, वही आज भी हैं कि इनके पीछे काैन थे?

मुथूट साेना लू’ट कां’ड में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल साेना की बरा’मदगी ताे कर ली थी, लेकिन पाैने दाे साल बाद भी इनके मालिकाें काे वे जेवरात नहीं लाैटे। एक बार फिर उनमें आ’क्राेश है, क्याेंकि लग्न चल रहा है। किसी काे बेटी की शादी के लिए गहने जुटाने की चिंता है ताे किसी के पास शादी समाराेहाें के लिए गहने नहीं हैं। मुथूट कां’ड से अन्य बड़ी घ’टनाओं से जुड़े’ पी’ड़ितों का द’र्द भी समझें।

कैसे वे परे’शानी, पी’ड़ा और ‘उ’त्पीड़न झेलने के लिए विवश हैं। पुलिस आ’श्वासनों का पुलिंदा प’कड़ा रही है। पर नतीजा सिफर है। नवरूणा मामला, पूर्व मेयर समीर ह’त्याकां’ड, ब्रह्मपुरा डबल म’र्डर समेत अन्य बड़े मामले भी अनसुलझे हैं।

मुथूट फाइनेंस लू’ट कां’डः पौने 2 साल पहले गहने ब’रामद पर अब तक लोगों को न मिला
चर्चित मुथूट फाइनेंस “लू’ट कां’ड में 649 पैकेट (26.5 किलो) गहने ब’रामद होने के बाद भी पौने दो साल से लाेग आभूषण लेने के लिए चक्कर का’ट रहे हैं। हालांकि, अब कंपनी का कहना है कि जिनके गहने मिल चुके हैं, उन्हें जल्द लौटाए जाएंगे। इस बाबत हाईकोर्ट ने आदेश जारी कर दिया है।

भगवानपुर के राहुल गुप्ता का द’र्द है कि पत्नी पिंकी का हार, टीका, नथिया, झुमका, अंगूठी, कंगन सभी मुथूट फाइनेंस से अ’पराधियों ने लू’ट लिया था। कुछ गहने पुलिस ने बरामद किए भी तो अब तक नहीं मिले। राहुल बताते हैं, मुथूट फाइनेंस के दफ्तर में आभूषण लेने कितनी बार गए, याद नहीं है।

हर बार यही कहा जाता है, जल्द गहने मिल जाएंगे। ससुराल में 6 दिसंबर को शादी है। गहने नहीं मिले तो पत्नी कैसे मायके जाएगी। खबड़ा डीह के रूपेश रंजन बताते हैं, उनका ब्रेसलेट व चैन भी लूट लिया गया था, जाे मिल गया, लेकिन अभी तक उन्हें नहीं दिया गया। भगवानपुर के सिद्धार्थ रतन कहते हैं, चैन, अंगूठी, कंगन व अन्य आभूषण के दो पैकेट मुथूट फाइनेंस से लू’टे गए थे।

वह बरामद भी हो गए, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। चांदनी चौक की सुनीता का द’र्द है, भतीजी की शादी 9 दिसंबर को है। गहने नहीं मिले ताे कैसे जाएंगी। कन्हौली राजपूत टोला के अमित कुमार की पत्नी के आभूषण ब’रामद होने पर भी नहीं मिल रहे।

ये है मामला
फरवरी-2019 में सदर थाने के भगवानपुर चौक स्थित मुथूट फाइनेंस से अपराधियों ने 10 करोड़ रुपए के गहने लूटे थे। 1100 ग्राहकों के साढ़े 26 किलो गहने अपराधियों ने लूटे थे। उनमें 649 पैकेट (करीब 18 किलो) आभूषण बरामद किए गए। अपराधियों की गिरफ्तारी भी हुई। फिर भी बरामद गहने अभी तक ग्राहकों को नहीं मिले। 600 से ज्यादा ग्राहकों के गहने तो बरामद ही नहीं हुए। मुथूट फाइनेंस के सूत्रों का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया के कारण ग्राहकों को गहने नहीं दिए गए हैं।

राहत : हाईकोर्ट ने दिया गहने लौटाने का आदेश
मुथूट फाइनेंस के मैनेजर दिलीप कुमार का कहना है कि मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट ने ग्राहकों को सशर्त गहने लौटाने का आदेश दिया था। जरूरत पड़ने पर गहने ग्राहकों को कोर्ट में प्रस्तुत करना होगा। इसे लेकर कंपनी हाईकोर्ट गई। हाईकोर्ट ने आदेश कर दिया है। कंपनी जल्द फिर सिविल कोर्ट जाएगी। उम्मीद है जल्द ही जो गहने बरामद हो चुके हैं, उन्हें वापस कर दिया जाएगा।

ब्रह्मपुरा डबल म’र्डर
वार’दात के बाद अप’राधियों ने घर की तला’शी ली जिसकी गुत्थी नहीं सुलझी, एक आ’राेपी काे जमानत भी मिल गई
ब्रह्मपुरा में बीते 7 जनवरी काे पति-पत्नी का डब्ल मर्डर कांड हुआ था। एक ही कमरे में रिटायर्ड निबंधन महानिरीक्षक अजय कुमार शर्मा और उनकी पत्नी रेणु शर्मा की ह’त्या कर दी गई थी। इसमें पुलिस ने मृ’तक के पुराने नाैकर पखनाहा गांव के नितेश पटेल और उसके दोस्त देवरिया मालीटाेला के विपिन कुमार उर्फ विवेक पर चार्जशीट दायर कर चुकी है।

पुलिस जांच में कहा गया है कि पुराने नाैकर ने अपने मालिक व उनकी पत्नी की सिर्फ इसलिए ह’त्या कर दी, क्याेंकि उसे मालिक ने नाली का कीड़ा कहा था। हत्या के बाद नितेश पटेल के द्वारा घर से ले जाई गई स्कूटी और माेबाइल पुलिस ने ब’रामद कर लिया था। अलमीरा से 50 हजार रुपए की लू’ट से नितेश ने पुरानी पल्सर बाइक खरीदी थी, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया था। हालांकि, डबल म’र्डर कां’ड के एक सप्ताह के बाद अपरा’धियाें ने सीढ़ी लगा कर बंद घर में प्रवेश किया और ऊपरी तल्ले के सभी कमरे की तलाशी ली।

इस बावत दर्ज किए गए कांड की गुत्थी अब तक पुलिस नहीं सुलझा पाई है। पुलिस अधिकारियाें का कहना है कि चाेरी का प्रयास किया गया था, लेकिन मृतक के घर से क्या चाे’री हुई यह पता नहीं चल पाया। बीते 14 अक्टूबर काे इस हत्या कांड के आराेपी विपिन काे हाईकाेर्ट से जमानत मिल गई। इसके आधार पर वह जेल से मुक्त हुआ है। न्यायालय में अब ट्रायल के बिंदु पर सु’नवाई हाे रही है।

समीर ह’त्याकां’ड : बेबुनियाद साक्ष्य बता कर आ’राेप मुक्ति के लिए कोर्ट में हो रही है बहस
पूर्व मेयर समीर कुमार हत्याकांड में चर्जशीटेड आराेपी ने पुलिस के साक्ष्य काे बेबुनियाद बता कर मुक्ति का दावा किया है। काेर्ट में इस पर बहस के लिए तारीख चल रही है। अगली सुन’वाई 21 दिसंबर को तय है। इधर, पुलिस रिकाॅर्ड में अभी जांच जारी है। समीर के परिजन पुलिस जांच पर सवाल उठा कर सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हैं।

इस हत्याकांड में पुलिस जांच पर शुरू से ही सवाल उठ रहा है। अब तक की पुलिस जांच के अनुसार पूर्व मेयर समीर की हत्या कल्याणी मछली मंडी और पटियासा स्थित बड़े प्लाॅट की डीलिंग में रुपए के लिए की गई। मामले में आरोपित गोविंद चाैधरी, सुजीत कुमार, मृत्युंजय कुमार उर्फ पिंटू सिंह, सुशील छापड़िया, श्यामनंदन मिश्रा, ओंकार सिंह और नवीन कुमार के विरुद्ध पुलिस चार्जशीट दायर कर चुकी है। बता दें कि 23 सितंबर 2018 काे चंदवारा आजाद राेड में बाइक सवार दाे अपराधियाें ने पूर्व मेयर समीर कुमार और उनके चालक राेहित की एके-47 से गाेलियां बरसा कर हत्या कर दी थी।

जमीन बेच कोलकाता चली गईं रंजना, पर नौकर की हत्या की गुत्थी न सुलझी

एलएस काॅलेज की चहारदीवारी के बगल में शिक्षिका रंजना भादुड़ी का बंगाली तर्ज पर बंग्ला था। मुख्य सड़क पर हाेने के कारण इस पर प्राॅपर्टी डीलरों की काली नजर पड़ी। जमीन लेने की कोशिश की गई तो रंजना नहीं मानी। तब उनकी हत्या की साजिश रची गई। 5 मार्च 2013 को बाइक से पहुंचे दो शूटराें ने रंजना पर गोली चलाई। नौकर राजेंद्र राय बीच में आ गया। उसे गोली लगी और मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने शहर के चर्चित सफेदपोशाें से लेकर नामी-गिरामी प्राॅपर्टी डीलर तक से पूछताछ की, लेकिन 7 साल बाद भी गुत्थी अनसुलझी ही है।

नगर थाने के साहू पाेखर राेड में 2 अप्रैल 2016 काे पुरानी गुदरी के जमींदार अशाेक कुमार कहनानी हत्या कांड की गुत्थियां पुलिस नहीं सुलझा पाई है। कराेड़ाें रुपए की जमीन पर कब्जे के संघर्ष में हुई हत्या की फाइल नगर थाने में पेंडिंग है। न्यायालय में पुलिस ने न तो चार्जशीट दायर की है, न ही फाइनल रिपाेर्ट। कहनानी के चालक के बयान पर दर्ज प्राथमिकी में शहर के चर्चित व्यवसाई व प्राॅपर्टी डीलर काे अभियुक्त बनाया गया था। लेकिन, सुपरविजन में नामजद आराेपियाें की गिरफ्तारी के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। मामले में ठाेस सबूत जुटाने का निर्देश दिया गया है।

हवलदार के हत्यारों का अब तक नहीं मिला सुराग
सकरा के मारकन चाैक पर बाइक सवार अपराधियाें ने पुलिस कारबाइन लूटने के लिए 22 सितंबर 2019 काे गाेली मारकर सकरा थाने के हवलदार मलेश्वर राम की हत्या कर दी थी। पुलिस का तंत्र इतना कमजाेर हाे गया है कि सीसीटीवी फुटेज में दिखे अपराधी चिह्नित नहीं हाे सके। लूटे गए हथियार कहां गए पता नहीं चला। फाइल पुलिस रिकाॅर्ड में अटकी है।

कच्ची पक्की 24 लाख लूट का भी खुलासा नहीं
कच्चीपक्की में 24 दिसंबर 2019 काे घटना तब हुई जब डीजीपी की मौजूदगी में सीएम यहीं उच्चस्तरीय समीक्षा कर रहे थे। अपराधियों ने कैश वैन से एटीएम में कैश लोड करते समय गार्ड की बंदूक छीन 24 लाख लूट लिए। उस दिन सदर थाना क्षेत्र में 22 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती थी। 23 दिन बाद घटना का एक साल हो जाएगा। कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है।

सीबीआई भी थक गई, पर 8 साल में अपराधियों का पता नहीं चला
जवाहरलाल राेड से 8वीं की छात्रा नवरूणा का अपहरण 18 सितंबर 2012 की रात कर लिया गया था। 26 नवंबर 2012 काे नाले से उसका कंकाल मिला। पुलिस, सीआईडी और सीबीआई 8 साल तक जांच करने के बाद थक गई, फिर भी अपराधियाें की साजिश नहीं खुल पाई। काेर्ट में काेई साक्ष्य नहीं मिलने पर फाइनल रिपाेर्ट लगा दी है। नवरूणा के पिता अतुल्य चक्रवर्ती का कहना है, घटना में जमीन के लिए भू-माफिया, पुलिस और सफेदपाेश लाेगाें का हाथ है।

एसएसपी आवास से अवैध कारबाइन बरामदगी में दाेषी अब तक चिह्नित नहीं
आय से अधिक संपत्ति मामले में एसयूवी की टीम ने तत्कालीन एसएसपी विवेक कुमार के आवास पर छापेमारी कर ऑफिस के अलमीरे से अवैध देसी कारबाइन, एक खाेखा और प्रतिबंधित हाे चुके भारतीय करेंसी बरामद की थी। उस घटना के साढ़े 3 साल बीत चुके हैं। अब तक पुलिस यह तय नहीं कर पाई है कि अवैध कारबाइन काे किसने एसएसपी के कार्यालय में रखा।

कैश वैन से 5 करोड़ रुपए लूट की साजिश रचनेवाले गिरोह का भी खुलासा नहीं
सरैया बखरा बाजार के पास बदमाशों ने 22 नवंबर को अंधाधुंध गाेलीबारी कर कैश वैन लूटने का प्रयास किया। चालक ने वैन को गड्ढे में उतार दिया। बदमाशों ने चालक मो. हफीज को दाे गोलियां मार कर जख्मी कर दिया। एक जमादार ने थाने से पुलिस को बुलाया। कैश वैन के 5 करोड़ 24 लाख बच गए। अब तक गिरोह का खुलासा नहीं हो सका है।

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