नई दिल्ली. देश-दुनिया में एक बार फिर से कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) अपनी रफ्तार पकड़ रहा है. भारत के साथ-साथ कई अन्य देशों की स्थिति भी अब दोबारा चिंताजनक होती जा रही है. सबकी नजरें सिर्फ कोरोना वायरस संक्रमण (Covid 19) की वैक्सीन पर टिकी हैं, जिनको विकसित करने के लिए कई देशों में काम चल रहा है. इन सबके बीच एक शोध में ऐसे ब्लड ग्रुप (Blood Group) का पता चला है, जिनको कोरोना वायरस संक्रमण होने का खतरा सबसे कम होने का दावा किया गया है.
अनल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन में मंगलवार को प्रकाशित शोध में शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि टाइप ओ (Type O blood group) और आरएच- नेगेटिव ब्लड ग्रुप (RH Negative Blood group) वाले लोगों को कोरोना वायरस संक्रमण होने का ख’तरा सबसे कम होता है. शोध में 2,25,556 कनाडाई लोगों को शामिल किया गया. इन सभी का कोरोना वायरस टेस्ट किया गया. इनमें ब्लड ग्रुप ए, एबी, बी की अपेक्षा कोरोना वायरस पॉजिटिव आने का खतरा करीब 12 फीसदी और गंभीर कोविड 19 होने व मौत का खतरा करीब 13 फीसदी कम पाया गया. इन सभी का ब्लड ग्रुप ‘ओ’ था. दावा किया गया है कि जिन लोगों का ब्लड ग्रुप आरएच नेगेटिव है, उनका भी कोविड 19 से बचाव होगा. दावा किया गया है कि सबसे कम खतरा ओ नेगेटिव ब्लड ग्रुप के लोगों को है.
टोरंटो के सेंट माइकल हॉस्पिटल के डॉक्टर और शोधकर्ता जोल रे के अनुसार इन लोगों में कोरोना वायरस से जंग के लिए संभवत: खास एंटीबॉडी होती हैं. उनका कहना है कि अब उनका अगला शोध इन्हीं एंटीबॉडी को लेकर होगा. इसके साथ ही शोध में इस बाद का भी दावा किया गया है कि गंभीर कोविड 19 केस में विटामिन डी पूरी तरह से नाकाम है.
विटामिन डी और कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर कई दावे किए जा रहे हैं. इस शोध में यह बात सामने आई है कि शरीर में कम विटामिन डी का स्तर होने से कोविड 19 का ख’तरा अधिक बढ़ा पाया गया. वहीं इसमें इस बात का भी पता चला कि अगर शरीर में विटामिन डी की मात्रा अधिक भी है, तो भी कोरोना वायरस सं’क्रमण का खत’रा कम नहीं होगा. गंभीर रूप से बीमा’र कोरोना मरीजों को विटामिन डी देने से उनके आईसीयू में न जाने या अस्पताल में उनका समय कम होने से संबंधी कोई मदद नहीं मिलती.




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