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बिहार में होने वाली हैं बंपर भर्तियां, नए साल में दो लाख नौकरियों के आसार, तैयारी में जुटी सरकार

नए वर्ष में बिहार में बड़ी संख्या में नौकरी मिलने वाली है। यह संख्या 2 लाख के आसपास होगी। इसमें सहायक प्राध्यापक, शिक्षक, बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी, जूनियर इंजीनियर, दारोगा, सिपाही समेत दर्जनों पद शामिल हैं। 

इसके अलावा राज्य सरकार नई नियुक्तियों की भी तैयारी में जुट गई है। नई रिक्तियां आने पर हजारों पदों का इजाफा होने की संभावना है। बिहार सरकार में वर्ष 2021 में बड़ी संख्या में स्थाई नियुक्ति होनी है। बहाली की प्रक्रिया जारी है। कुछ ही महीनों में इसके पूरा होने की संभावना है। शिक्षा विभाग में 4600 से ज्यादा सहायक प्राध्यापक और स्वास्थ्य विभाग में 3270 आयुष चिकित्सक के अलावा 1600 से अधिक इंटरस्तरीय पद, 1050 कनीय अभियंता, 271 न्यायिक सेवा के पदाधिकारी और बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा लिए जानेवाले संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर मिलनेवाली सैकड़ों नौकरियां शामिल हैं। इंजीनिर्यंरग और पॉलिटेक्निक कॉलेज में करीब 3000 शिक्षक के पद भी हैं। 

पुलिस में ही 27 हजार से ज्यादा पदों पर बहाली की प्रक्रिया जारी है। इसमें दारोगा, सार्जेंट, एएसआई (स्टेनो), सिपाही और चालक सिपाही के पद शामिल हैं। इसके अलावा कारा विभाग के अधीन सहायक जेल अधीक्षक, होमगार्ड में चालक सिपाही व सिपाही, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधीन वनों के क्षेत्र पदाधिकारी व वनपाल, परिवहन विभाग के अधीन प्रवर्तन अवर निरीक्षक व चलंत दस्ता सिपाही के पद पर बहाली शामिल है।

संविदा आधारित पदों पर भी बहाली
स्थाई नौकरियों के अलावा संविदा आधारित विभिन्न पदों पर भी बड़ी संख्या में बहाली होनी है। इनमें इंजीनिर्यंरग और पॉलिटेक्निक कॉलेज में 5000 हजार गैर शैक्षणिक पद, 589 अंकेक्षक, 477 प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी के अलावा इसी विभाग में लेखापाल, तकनीकी सहायक व विशेषज्ञों के करीब 2000 पद शामिल हैं। इसके अलावा जिला, प्रमंडलीय और विभागों में भी बड़े पैमाने पर संविदा या स्थाई नौकरी के लिए नियुक्ति का विज्ञापन जारी किया जा सकता है। हालांकि इसकी संख्या अभी तय नहीं है। विभागों से ब्योरा मिलने के बाद इसपर निर्णय लिए जाने की संभावना है।

कोरोना व चुनाव ने फंसाया पेच
राज्य सरकार के अधीन कई नियुक्तियों में कोरोना और विधानसभा आम चुनाव के चलते पेच फंसा था। शिक्षा विभाग के साथ पुलिस में जारी कई बहालियां इससे प्रभावित हुईं। लॉकडाउन की वजह से जहां स्थाई नियुक्ति के लिए प्रतियोगिता परीक्षाएं स्थगित करनी पड़ी, वहीं शिक्षक नियोजन भी प्रभावित हुआ। प्रारंभिक के साथ माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूलों में सवा लाख पदों पर शिक्षकों का नियोजन भी थम गया था। बीपीएससी और एसएससी द्वारा आयोजित की जानेवाली परीक्षाएं भी रोकनी पड़ी। अनलॉक और चुनाव की समाप्ति के बाद दोबारा नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसपर तेजी से काम हो रहा है। नए साल में यह पूरा कर लिया जाएगा।

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