Chhath Puja 2020: छठ पर्व पर प्रशासन की ओर से तालाबों की साफ-सफाई की गई ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशा’नी न हो, वहीं कई सामाजिक संगठन भी सफाई में जुटे हैं। राजधानी से लगे बिरगांव में कौमी एकता की मिसाल पेश करते हुए मुस्लिम बंधुओं ने एक तालाब की सफाई की। बिरगांव में मुस्लिम समुदाय के लोग पिछले 11 सालों से छठ पर्व पर तालाब की सफाई करते आ रहे हैं, ताकि पूजा के दौरान हिंदू महिलाओं को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। बता दें कि यहां के व्यास तालाब में करीब 25 से 30 हजार श्रद्धालु हर साल छठ पूजा करते हैं। मंगलवार को मुस्लिम समुदाय के करीब 30 लोगों ने तालाब की सफाई की। छठ पर्व को लेकर मुस्लिम समुदाय में भी काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।
ऐसे मिली प्रेरणा
बिरगांव नगर निगम के पूर्व पार्षद इकराम अहमद के मुताबिक बिरगांव औद्योगिक क्षेत्र है। यहां छोटी-बड़ी मिलाकर एक हजार से अधिक फैक्ट्रियां हैं। फैक्ट्रियों में बाहर से सपरिवार आए लोग काम करते हैं। इनमें उत्तर-भारत के लोगों की संख्या अधिक है। उत्तर-भारत में छठ पर्व काफी धूमधाम से मनाया जाता है। आज से 11 साल पहेल बिरगांव के व्यास तालाब में काफी संख्या में लोग पूजा करने आए तब तालाब की हालत खस्ता थी। तभी विचार आया कि हमारे इलाके का तालाब है, क्यों न इसे साफ करके हम हिंदू-मुस्लिम के बीच संबंध को और मजबूत बनाएं। तभी से छठ पर्व के पहले तालाब की सफाई करने लगे।
भाईचारे का पर्व
छठ पर्व हिंदुओं के महान पर्वों में से एक है। कार्तिक माह की षष्ठी तिथि से शुरू होने वाले छठ पर्व पर हिंदुओं की गहरी आस्था है। इस पर्व में सूर्य देव की आराधना की जाती है। भारत के बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के राज्यों में बड़े धूमधाम से मनाए जाने वाले इस त्योहार को बहुत ही कठिन माना जाता है, क्योंकि लंबा व्रत रखना पड़ा है। तालाब में कोई अप्रिय घटना न घटे, इसके लिए गोताखोर को भी तैनात किए जाएंगे। निगरानी समिति का भी गठन किया गया है। श्रद्धालुओं को मुस्लिम समुदाय की तरफ से सुबह पांच बजे चाय बांटी जाएगी। तालाब के चारों तरफ स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की गई है, ताकि पर्याप्त प्रकाश रहे। उनके अनुसार भाईचारे के इस पर्व को सब मिलजुलकर मनाएंगे।




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