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‘हमने भी हाथों में कोई चूड़ियां नहीं पहन रखी है’, उपेन्द्र कुशवाहा ने कह दिया- ईट का जवाब पत्थर से देंगे

जीडीएसएफ के सीएम कैंडिडेट व रालोसपा अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने साफ-साफ शब्दों में कह दिया कि जरूरत पड़ी तो अपनी आत्मरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं. हमारे लोगों ने हाथों में चूड़ी नहीं पहनकर रखी है. ईट का जवाब पत्थर से देना जानते हैं. मंच से गुस्ताखी करने वालों पर अगर चुनाव आयोग, कांग्रेस या फिर प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होती है तो हम लोग उसे छोड़ने वाले नहीं है. चाहे इसके लिए किसी भी सीमा को क्यों ना पार करना पड़े.

दरअसल पिछले दिनों अमौर की सभा में राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस नेता जलील मस्तान ने एआईएमआईएम के अध्यक्ष असुदद्दीन ओवैसी का हाथ,पैर काटकर हैदराबाद भेजने का बयान दिया था. बयान की भर्त्सना करते हुए कुशवाहा काफी गुस्से में दिखे. उन्होंने वजापते पीसी कर कहा कि जलील मस्तान के बयान पर अभी तक ना तो चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया , और ना ही कांग्रेस पार्टी की ओर से किसी प्रकार की कार्रवाई की गयी. जलील मस्तान पर कार्रवाई नहीं होगी तो हमारे गठबंधन के लोग भी कोई चूड़ी नहीं पहने हैं. ईट का जवाब पत्थर से देना जानते हैं.

वहीं आरजेडी और बीजेपी के 10 लाख और 19 लाख नौकरी देने के वादे को सिर्फ जुमला करार देते हुए कुशवाहा ने कहा कि सिर्फ 10 लाख और 19 लाख नौकरी दे देने से बिहार की बेरोजगारी दूर नहीं होगी. इसके लिए रूट स्तर पर काम करना होगा. छोटे-छोटे कुटीर उद्योग खोलने होंगे. कृषि के क्षेत्र में रोजगार उत्पन्न करना होगा. विभागों में रिक्त पड़े पदों पर बहाली करनी होगी.

कुशवाहा ने बिहार में करीब 6 करोड़ बेरोजगारों की संख्या बताते हुए कहा कि सिर्फ 10 लाख और 19 लाख लोगों को नौकरी दे देने से कभी भी बेरोजगारी दूरी नहीं होगी. बीजेपी तो पहले से ही जुमलेबाजी करती थी लेकिन उसी राह पर आरजेडी ने भी चलना शुरू कर दिया है. बीजेपी के जुमलेबाजी को पूरे देश ने देखा, उसमें कितनी सच्चाई है. अब आरजेडी भी लोगों को झांसे में लेकर सत्ता पाना चाहता है.

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