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चिराग पासवान बोले- 10 नवंबर को CM नीतीश को खाली करना होगा 1 अणे मार्ग, BJP-LJP की बनेगी सरकार

पटना. लोक जनशक्ति पार्टी (Lok Janshakti Party) के अध्ययक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने एक बार फिर सीएम नीतीश कुमार को टारगेट पर लेते हुए दावा किया है कि 10 नवंबर को मुख्यमंत्री को 1 अणे मार्ग (सीएम आवास) खाली करना पड़ेगा. उन्होंने पटना स्थित पार्टी कार्यालय में कहा कि पहले 2 चरण के जिस तरीके से रुझान सामने आ रहे हैं और प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं में जो उत्साह देखने को मिल रहा है, उससे लगता है कि अधिकांश सीटों पर लोजपा की जीत तय है. उन्होंने कहा कि यह भी स्पष्ट है कि आगामी 10 नवंबर को बीजेपी के नेतृत्व में भाजपा और लोजपा (BJP-LJP) की सरकार बनेगी. चिराग ने लोगों से अपील की कि जो भी बिहारी हैं, वो अगर चाहते हैं कि बीजेपी के नेतृत्व में सरकार बने तो वोट करें. उन्होंने एक सवाल के जवाब में यह भी कहा कि वह अभी खुद को सीएम के चेहरे के रूप में नहीं देखते हैं.

चिराग ने कहा कि बिहार में सीएम चेहरे के नाम का खुलासा सार्वजनिक मंच पर अभी नहीं किया जाएगा, लेकिन इतना जरूर कहेंगे कि मात्र 5 दिन बच गए हैं, इतंजार करें इसके बाद सब साफ हो जाएगा. उन्होंने कहा कि मेरा राजनीति में आने का मकसद ही बिहार की अस्मिता की रक्षा करना है.

चिराग ने सीएम नीतीश पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी वजह से बिहार में पलायन बढ़ा है. मौजूदा सीएम से जानना चाहता हूं कि मेरे बारे में व्यक्तिगत टिप्पणी करते हैं. तमाम चीजें साझा करने के लिए समय है, लेकिन मैं उनसे सवाल पूछ रहा हूँ कि सीएम अपने 5 साल में एक भी उपलब्धि बता दें. उनके विधायक और नेताओं ने क्या काम किया है और अगले 5 साल में आपका रोड मैप क्या है?

चिराग ने सीएम पर हमला बोलते हुए कहा कि आपकी सेवा की जानकारी जनता को है. आपके रीजन में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार हुआ. बाढ़ पीड़ितों से आग्रह करता हूं कि साहब से सवाल करें कि बाढ़ पीड़ितों के लिए उन्होंने क्या किया. मंच के सामने जब सीएम का विरोध हो रहा है तो क्यों नहीं जनता को बुलाकर पूछते हैं. उल्टा सामने वालों को उकसाते हैं कि और फेंको, और फेंको. जनता का आक्रोश स्वाभाविक है. आक्रोश को जनता मतदान के माध्यम से दिखाएं. शारीरिक हमले का मैं पक्षधर नहीं हूं.

चिराग ने कहा कि 10 तारीख को नीतीश जी को 1 अणे मार्ग खाली करना पड़ेगा, क्योंकि सीएम के कार्यकाल में एक साल ऐसा नहीं है जब बाढ़ नहीं आई है. सात निश्चय बिहार के इतिहास में सबसे बड़े भ्रस्टाचार में से एक है. शराबबंदी भी सबसे बड़े भ्रष्टाचार में से एक है. मैं पूछ रहा हूं जब शराब खुलेआम बिक रही है तो तस्करी का पैसा कहां जा रहा है? सीएम को मैं जानकारी देना चाहता हूं कि जो कहते हैं कि जीरो टॉलरेंस है, उनसे पूछता हूं बाढ़ राहत की राशि हर साल कहां लगाई जाती है.

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