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अर्नब गोस्वामी की गि’रफ्तारी पर अमित शाह, राजनाथ समेत तमाम नेता कांग्रेस पर हम’लावर, महाराष्ट्र सरकार ने दिया अपना तर्क

मुंबई पुलिस ने बुधवार सुबह रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी को उनके घर से हिरासत में ले लिया है। इसको लेकर अर्नब ने मुंबई पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। बताया गया है कि पुलिस ने अर्नब गोस्‍वामी को एक इंटीरियर डिजाइनर की आत्महत्या से जुड़े दो साल पुराने मामले में गिरफ्तार किया है। यह मामला पहले बंद हो गया था, लेकिन पिछले दिनों इस मामले में फिर से जांच के आदेश दिए गए हैं। वहीं, इस गिरफ्तारी पर देश के गृह मंत्री से लेकर तमाम बड़े नेता अर्नब के पक्ष में आकर खड़े हो गए हैं और महाराष्ट्र सरकार की आलोचना कर रहे हैं। इस दौरान कांग्रेस पर भी बड़े हमले किए जा रहे हैं। वहीं, महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि राज्य में सब कानून के हिसाब से चल रहा है। 

रिपब्लिक टीवी की ओर से अर्नब के घर की एक लाइव फुटेज को दिखाया गया, जिसमें पुलिस और अर्नब के बीच झड़प होती दिख रही थी। पुलिस जब अर्नब गोस्वामी को ले जा रही थी, तो तब उन्होंने कहा था कि मुझे पुलिस ने मारा है। समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया कि अर्नब को उनके घर से अलीबाग पुलिस स्टेशन ले जाया गया था। 

Reaction on Arnab Goswami Arrest:

-केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने एक बार फिर लोकतंत्र को शर्मसार किया है। रिपब्लिक टीवी और अर्नब गोस्वामी के खिलाफ राज्य की सत्ता का दुरुपयोग व्यक्तिगत स्वतंत्रता और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है। यह हमें आपातकाल की याद दिलाता है। फ्री प्रेस पर इस हमले का विरोध होगा

-भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने इस मामले को लेकर प्रेस कांफ्रेंस की। पात्रा ने कहा कि ‘सिर्फ किसी एक चैनल के नहीं, बल्कि सभी चैनलों के अधिकार के लिए आज हम आवाज उठा रहे हैं। मां-बेटे की माफिया सरकार ने सिर्फ प्रेस के ऊपर ही आघात नहीं किया, बल्कि जब इनके पक्ष में फैसला नहीं आता तो ये मुख्य न्यायाधीश को भी नहीं छोड़ते।’ उनके द्वारा बिना नाम लिए सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर हमला बोला गया। उन्होंने आगे कहा कि एक तरफ सोनिया गांधी लेख लिखती हैं और कहती हैं कि ‘लोकतंत्र की हत्या हो रही है’ और राहुल गांधी लिखते हैं और कहते हैं कि वे ‘प्रेम की राजनीति’ करते हैं। क्या इस मामले में लोकतंत्र की हत्या नहीं की जा रही है? क्या यह प्रेम की राजनीति है?

पात्रा ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि कंधा तो शिवसेना का है, मगर वो बंदूक, बारूद और सारा कुछ, उन मां-बेटे का है जो हिंदुस्तान में लोकतंत्र को समाप्त करने के लिए लड़ रहे हैं।

-देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोले- वरिष्ठ पत्रकार अर्नब गोस्वामी के साथ किया गया व्यवहार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कमजोर करने और विरोध के स्वर का दमन करने की अधिनायकवादी प्रवृत्ति का प्रतीक है। कांग्रेस को आपातकाल समेत अनेक उदाहरणों का ध्यान करना चाहिए कि प्रेस का दमन करने वाली सरकारों का हश्र बुरा हुआ है।

-महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख बोले- कानून से ऊपर कोई नहीं है। महाराष्ट्र पुलिस कानून के अनुसार काम करेगी।

-मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मुंबई पुलिस द्वारा बुधवार सुबह रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के अर्नब गोस्वामी के साथ हुई मारपीट और गिरफ्तारी की निंदा की और ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलने’ और ‘प्रेस की स्वतंत्रता को छीनने’ के लिए महाराष्ट्र सरकार को फटकार लगाई।

-समाचार एजेंसी एएनआइ ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें अर्नब गोस्वामी को पुलिस ले जा रही है। उस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पुलिस ने उनको मारा है। 

-कानून और न्याय, संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट किया कि कोई असहमत हो सकता है, बहस कर सकता है और सवाल भी पूछ सकता है। अर्नब गोस्वामी जैसे पत्रकार को पुलिस पावर का दुरुयोग करके गिरफ्तार करना, चूंकि वे सवाल पूछ रहे हैं, ये ऐसी घटना है जिसकी हम सभी को निंदा करनी चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने कहा, ‘वरिष्ठ पत्रकार अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी गंभीर रूप से निंदनीय, अनुचित और चिंताजनक है।’ 

-संपादकों के संगठन एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने भी रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वमी की गिरफ्तारी की निंदा की है। एक बयान में कहा गया कि वो बुधवार सुबह अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी के बारे में जानकर हैरान है। संगठन ने कहा, ‘गिल्ड ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से ये सुनिश्चित करने के लिए कहा कि गोस्वामी के साथ उचित व्यवहार किया जाए और मीडिया की रिपोर्टिंग के खिलाफ राज्य की पावर का इस्तेमाल ना किया जाए।’

-अर्नब की गिरफ्तारी पर केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावेडकर ने पुलिसिया कार्रवाई की निंदा की है और इसे आपातकाल की घटना की संज्ञा दी है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, ‘मुंबई में प्रेस-पत्रकारिता पर जो हमला हुआ है, वह निंदनीय है। यह इमरजेंसी की तरह ही महाराष्ट्र सरकार की कार्रवाई है। हम इसकी भर्त्सना करते हैं।’ इसके अलावा, उन्होंने कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व में काम कर रही कांग्रेस अभी भी आपातकालीन मनस्थिति में है। इसी का सबूत आज महाराष्ट्र में उनकी सरकार ने दिखाया है। लोग ही इसका लोकतांत्रिक जवाब देंगे।

-केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी बोली- प्रेस की स्‍वतंत्रता में जो लोग आज अर्नब के समर्थन में खड़े नहीं हैं, वे टेक्निकली फासीवाद के समर्थन में हैं। आपको भले ही वे पसंद न हों, भले ही आप उन्‍हें मान्‍यता नहीं देते हों, आप उनके अस्तित्व को कुछ न समझ सकते हों, लेकिन यदि आप चुप रहते हैं, तो आप दमन का समर्थन करते हैं। अगर आप आगे नहीं आएंगे, तो कौन बोलेगा?

-BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी इस गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘यह सोनिया और राहुल गांधी द्वारा निर्देशित उन लोगों को चुप कराने का एक और उदाहरण है, जो उनसे असहमत हैं। शर्मनाक!

हालांकि, इस मामले पर बात करते हुए शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा, ‘महाराष्ट्र में कानून का पालन किया जाता है। अगर किसी के खिलाफ सबूत हैं तो पुलिस कार्रवाई कर सकती है। ठाकरे सरकार के गठन के बाद से, बदला लेने के लिए किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।’ बता दें कि अर्नब ने मुंबई पुलिस पर अपने और अपने परिवार के साथ मारपीट करने का आरोप भी लगाया है।

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