पटना: बिहार में दूसरे चरण का चुनाव प्रचार-प्रसार कल खत्म हो जाएगा, लेकिन इससे पहले राज्य की दो राजनीतिक धुरी समझे जानी वाली एनडीए और महागठबंधन में अपराध और दूसरे मुद्दों पर राजनीति शुरू हो गई है. आज एनडीए के दलों यानी जेडीयू, हम और बीजेपी ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करके तेजस्वी यादव को साल 1990 से लेकर 2015 के बीच अपराध, हत्या और अपहरण के लिए हमला बोला है.
बिहार सरकार में मंत्री नीरज कुमार (Neeraj kumar) ने कहा कि दूसरे फेज में जिन 94 विधानसभा सीटों पर चुनाव हो रहा है. वो बिहार के 17 जिले हैं. सिर्फ इन 17 जिलों में ही लालू-राबड़ी शासनकाल में 3000 से अधिक अपहरण की घटनाएं घटीं. तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) जिस सूचिता और अपराध मुक्त राजनीति की बात कर रहे हैं अगर इनकी पार्टी भूल से भी सत्ता में आ गई तो बिहार एक बार फिर से जंगलराज की तरफ अग्रसर होगा.
भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता अजफर शम्सी ने कहा कि एक समय था जब बिहार में आईएएस की पत्नी के साथ ब’लात्कार की घट’ना हुई थी. आज आम आदमी सुरक्षित माहौल में जी रहा है.
साथ ही हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने भी संबोधित किया. उनके निशाने पर एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag PaswaN) रहे. उन्होंने कहा कि जो चिराग पासवान नल जल योजना की जांच की मांग कर रहे हैं उनसे अपने पिता की मौत की भी जांच की मांग की जाती है.
आखिर उनकी स्वास्थ्य को लेकर मेडिकल बुलेटिन क्यों नहीं जारी होता था. ये सभी बातें सामने आनी चाहिए. बिहार में 25 सितंबर से जारी सियासी समर का पटाक्षेप 10 नवंबर को हो जाएगा. तब ये भी पता चल जाएगा कि अपराध, और ह’त्या जैसे मुद्दे जनता के जेहन पर कितना असर छोड़ सके.




Leave a Reply