मुजफ्फरपुर स्थित शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में ‘प्रिजन हेरिटेज को सहेजने में कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय जुट गया है। सेंट्रल जेल के अंदर शहीद खुदीराम बोस के फांसी स्थल व सेल का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। इसके लिए विभाग से 20 लाख रुपये का आवंटन भी मिला है।
जेल उपाधीक्षक सुनील कुमार मौर्य ने बताया कि 11 अगस्त 1908 को बंगाल के मिदनापुर के क्रांतिकारी खुदीराम बोस को मुजफ्फरपुर सेंट्रल जेल में फां’सी दी गई थी। इसके बाद से अबतक यहां किसी को फांसी नहीं दी गई। बीते दिनों बारिश में जलजमाव की वजह से फांसी स्थल की स्थिति जर्जर हो गई थी। मिट्टी धंसने लगी थी। इसके संरक्षण के लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया था। 20 लाख रुपये का आवंटन मिलने पर काम शुरू करा दिया गया है। इसे 45 से 60 दिनों में पूरा करना है।
फांसी स्थल का नहीं बदलेगा स्वरूप :
जेल उपाधीक्षक ने बताया कि सौंदर्यीकरण का पूरा काम जेल अधीक्षक राजीव कुमार सिंह की मॉनिटरिंग में चल रहा है। इस दौरान फां’सी स्थल के स्वरूप में कोई परिवर्तन नहीं होगा। काम इस तरह से कराया जा रहा है कि फांसी स्थल का मूल अस्तित्व बना रहे।




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