उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने एक बार फिर तेजस्वी यादव को जंगलराज का युवराज बताया है। साथ ही उनसे पांच सवाल पूछे हैं। गुरुवार को ट्वीट कर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जंगलराज के युवराज यह नहीं बता पा रहे हैं कि 10 लाख लोगों को एक झटके में नौकरी देने के लिए 58 हजार करोड़ कहां से आएंगे। साथ ही वे यह भी नहीं बता रहे हैं कि बिहार का सबसे बड़ा मॉल बनवाने के लिए 750 करोड़ कहां से आए। आरोप लगाया कि राजद की राजनीति पूरी तरह कालेधन की फंडिंग से चलती है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि तेजस्वी प्रसाद यादव ने न मैट्रिक पास किया, न कोई व्यापार किया। न ही लाखों रुपये के पैकेज वाली कोई नौकरी की। फिर गरीबों के युवा मसीहा के पास इतना धन कहां से आया कि वे 15 मंजिला मॉल में 1,000 दुकानें, शॉपिंग मॉल्स, मल्टीप्लेक्स और फाइव स्टार होटल बनवा रहे थे। क्या यह सच नहीं कि पटना की जिस जमीन पर युवराज का महामॉल बन रहा था, उसे जंगलराज के राजा ने 2004 में रेल मंत्री बनते ही आईआरसीटीसी होटल घोटाला के जरिये हासिल किया था। वे जनता को बताएं कि मॉल को जांच के बाद ईडी ने क्यों जब्त कर निर्माण रोक दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की यूपीए सरकार के रेल मंत्री लालू प्रसाद ने रेलवे के रांची और पुरी के दो होटलों को हर्ष कोचर की कंपनी को 15 साल के लिए लीज पर देने के एवज में राजद के सांसद प्रेमचंद गुप्ता की पत्नी सरला गुप्ता की कंपनी डिलाइट मार्केटिंग के जरिए हथिया ली थी। क्या बिहार की जनता से वोट मांगने से पहले यह बताया नहीं जाना चाहिए। क्या वे फर्जीवाड़ा से गरीबी-बेरोजगारी दूर करने वाला मॉडल थोपना चाहते हैं।




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