पटना जिले के किसी भी इलाके में सड़क पर पंडाल बनाकर दुर्गापूजा करने वाली समितियों पर प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई होगी। गृह विभाग के आदेश के आलोक में पटना जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को पूजा पंडाल के लिए अनुमति नहीं देने का निर्देश दिया है।
डीएम कुमार रवि ने कहा कि गृह विभाग के आदेश का शत प्रतिशत अनुपालन थानाध्यक्ष अपने-अपने इलाके में सुनिश्चित कराएंगे। इसकी मॉनिटरिंग सभी अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी करेंगे। दुर्गापूजा के दौरान किसी भी क्षेत्र में मेले का आयोजन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि बगैर अनुमति पंडाल लगाकर सड़क किनारे पूजा करने वाली समितियों पर आपदा अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई होगी।
मंदिरों में होगी पूजा
मंदिरों में दुर्गापूजा होगी। मंदिरों में पूजा करने के लिए अलग से विशेष थीम पर पंडाल नहीं लगेगा। यहां आने वाले भक्तों के सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क, सेनेटाइजर का उपयोग सुनिश्चित कराने की मंदिर प्रबंधन की जिम्मेवारी होगी। पहले की तरह लोग निजी घरों में लोग दुर्गापूजा करेंगे।

पूजा समितियों ने कहा-चुनावी सभा की छूट तो पूजा पर रोक क्यों?
दशहरा हिंदुओं का महापर्व है। लेकिन मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करने पर रोक लगा दी गई है। लाउडस्पीकर बजाने की भी अनुमति नहीं है। यह आस्था के साथ खिलवाड़ है। जबकि पड़ोसी राज्यों में छोटी मूर्ति बैठाने की अनुमति दी गई है। साथ ही काेरोना वायरस से बचाव के लिए गाइडलाइन जारी की गई है। आखिर चुनावी सभा हो सकती है तो पूजा क्यों नहीं? चुनावी सभा से भी तो कोरोना वायरस फैल सकता है। -रंजित सिंह, सचिव, शेखपुरा दुर्गा आश्रम दुर्गापूजा समिति
सिनेमा हॉल, मॉल, पार्क खुल सकता है, चुनाव के लिए नामांकन में गाड़ियों की लाइन लग सकती है, सभाओं में भीड़ लग सकती है, तो पूजा क्यों नहीं हो सकती? यह आस्था के साथ खिलवाड़ है। बिहार के लोग मां के दर्शन नहीं कर पाएंगे। जबकि पड़ोसी राज्य झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में सरकार ने छोटे स्तर पर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति दे दी है। -अमित कुमार बरूआ, ट्रस्टी व कोषाध्यक्ष, नवयुवक संघ, डाक बंगला चौराहा, पटना।




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