कोरोना काल में हो रहे चुनाव में मतदाता व मतदान कर्मी को संक्रमण से बचाना एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में विभाग सभी मतदान केंद्रों पर थर्मल स्क्रीनिंग लगाएगा। सभी बूथों पर स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ कर्मियों को तैनात करेगा जो थर्मल स्क्रीनिंग से मतदान केंद्रों पर आने वाले मतदाताओं व मतदान कर्मी की जांच करेगा। जिले के करीब साढ़े चार हजार मतदान केंद्रों पर पांच हजार स्वास्थ्य कर्मियों को तैनात किया जाएगा। स्वास्थ्य मुख्यालय के आदेश पर जिले में कार्यरत आशा, एनएचएम और फेसिलिटेटर को स्क्रीनिंग करने के कार्य में लगाया जाएगा। मुख्यालय से गुरुवार को जारी आदेश में सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया है कि सभी स्वास्थ्य कर्मी को एक सप्ताह में थर्मल स्क्रीनिंग करने का प्रशिक्षण दिलाए।
सिविल सर्जन डॉ शैलेश प्रसाद ने बताया कि सभी प्राथमिक केंद्रों के निर्देश दिया गया है कि वह अपने क्षेत्रों के आशा, एएनएम व फेसिलिटेटर को थर्मल स्क्रीनिंग करने का प्रशिक्षण मुहैया कराए। ये स्वास्थ्य कर्मी बूथों पर आने वाले सभी लोगों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन कराएंगे।

आशा की होगी अहम भूमिका
सिविल सर्जन ने बताया कि स्क्रीनिंग का कार्य महत्वपूर्ण है। जिले में 4200 से अधिक आशा हैं, 600 एएनएम और 200 फेसिलिटेटर है जिन्हें स्कीनिंग की जिम्मेवारी दी गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि इन सभी को सोशल डिस्टेसिंग के साथ प्रशिक्षण पूरा कराए।




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