गुजरात के राजकोट जिले में मंगलवार को 4.1 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया. हालांकि इसमें जानमाल के नुक’सान की कोई खबर नहीं है. गांधीनगर स्थित भू’कंप विज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईएसआर) के अनुसार भू’कंप अपराह्न 3 बजकर 49 मिनट पर आया जो जिले के उपलेटा से 25 किलोमीटर पूर्व-उत्तरपूर्व में 14.5 किलोमीटर की गहराई पर केंद्रित था. राजकोट ग्रामीण पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘किसी भी क्षेत्र से जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं मिली है.’ इससे पहले आज दोपहर लेह और अरुणाचल प्रदेश में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए. लेह में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.2 थी. जबकि अरुणाचल प्रदेश में आए भूकंप की तीव्रता 3.5 थी. हालांकि राजकोट में भूकंप के तेज झ’टके महसूस किए गए. लोगों को अपने घरों का हिलना महसूस किया. जिसके बाद लोगों में काफी ड’र का माहौल रहा.
लद्दाख में शुक्रवार को भू’कंप के 2 झ’टके
लद्दाख क्षेत्र में शुक्रवार शाम 5.4 और 3.6 की मध्यम तीव्रता वाला भूकंप दो बार आया. राष्ट्रीय भू’कंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) ने यह जानकारी दी. एनसीएस ने कहा कि 5.4 तीव्रता वाला भूकंप शाम चार बज कर 27 मिनट पर आया. वहीं, 3.6 तीव्रता वाला भूकंप शाम पांच बज कर 29 मिनट पर आया. हिमालयी क्षेत्र भूकंपीय गतिविधियों के लिये अत्यधिक संवेदेनशील है.

जब श्रीनगर के भू’कंप का बना मजाक
इससे पहले 23 सिंतबर को श्रीनगर और दक्षिण कश्मीर के कई हिस्सों में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किये गए थे. हालांकि भूकंप आने की पुष्टि किये जाने से पहले तक सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अफ’वाहें उड़ती रहीं और हंसी मजाक चलता रहा था. कोई इसे ध’मका बता रहा था तो किसी ने कहा कि प्रेशर कूकर फटने की वजह से ऐसा हुआ. वहीं कुछ लोगों ने इसे भूकं’प बताया. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केन्द्र ने बाद में पुष्टि की थी कि रात करीब नौ बजकर 40 मिनट पर भू’कंप आया था, जिसकी तीव्रता 3.6 थी. भू’कंप का केन्द्र जमीन से पांच किलोमीटर नीचे था.




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