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52.69 लाख का सोना जींस में छिपाकर गुवाहाटी से दिल्ली जा रही थी महिला, DRI-RPF ने ऐसे पकड़ा

पटना. गुवाहाटी-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस (Guwahati-Delhi Rajdhani Express) की एसी बाेगी में पाटलिपुत्र जंक्शन की आरपीएफ की टीम ने  छापेमारी की. इस दाैरान रेल पुलिस (Rail Police) ने बी 2 काेच के 49 नंबर बर्थ पर सफर कर रही गुरमीत काैर की जींस के छाेटे से पर्स से पुलिस ने साेने के छह बिस्किट बरामद किए. इसके बाद उसे  गिरफ्तार कर लिया गया. बरामद सोने के बिस्किट का वजन करीब 996.90 ग्राम है जिसकी कीमत अभी 52 लाख 69 हजार 613 रुपए है. गुरमीत अमृतसर के तरणतारण राेड की रहने वाली है. उसका पीछा मुजफ्फरपुर की डीआरआई टीम (DRI Team) भी कर रही थी. पूछताछ के बाद पाटलिपुत्र जंक्शन आरपीएफ पाेस्ट प्रभारी पीके बर्णवाल ने गुरमीत काे मुजफ्फरपुर डीआरआई के हवाले कर दिया. बरामद बिस्किट पर काेई मार्का नहीं था.
जैसे ही पुलिस ने पूछा, फाैरन साेना निकाल कर दे दिया

मुजफ्फरपुर डीआरआई (Directorate of Revenue Intelligence) व पाटलिपुत्र जंक्शन आरपीएफ (RPF) की टीम काे पहले से सूचना थी कि गुवाहटी से गुरमीत साेने के बिस्किट लेकर एसी बाेगी में सवार हुई है. उसका फाेटाे भी पुलिस के पास था. मुजफ्फरपुर की टीम भी उसी ट्रेन पर सवार थी. जैसे ही ट्रेन पाटलिपुत्र जंक्शन पहुंची, आरपीएफ व डीआरआई की टीम गुरमीत के बर्थ के पास चली गई. पुलिस ने जैसे ही उससे पूछा कि साेना का बिस्किट कहां है, उसने बिना देर किए बिस्किट पुलिस के हवाले कर दिया. फिर उसे पाटलिपुत्र जंक्शन पर उतार लिया गया.


गुवाहाटी में किसी ने दे दिया, दिल्ली पहुंचाना था, 8 हजार मिलता
गुरमीत ने पूछताछ में पुलिस काे बताया कि वह तस्कर नहीं है बल्कि कैरियर है. उसे टिकट देकर अमृतसर से दिल्ली और फिर दिल्ली से गुवाहाटी कुछ दिनाें पहले भेजा गया था. उसने यह भी कहा कि काेई गुवाहाटी स्टेशन उसके पास मेरा नंबर था. उसने साेना का बिस्किट थमा दिया और कहा कि दिल्ली पहुंचा देना है. दिल्ली पहुंचने के बाद काेई एक फाेन करेगा जिसे साेना दे देना है. गुरमीत ने कहा कि वह पहली बार ऐसा काम कर रही थी. वह बिस्किट देने वाले और रिसीवर काे पहले से नहीं जानती है. हालांकि उसने डीआरआई काे साेना देने वाले और रिसीवर के माेबाइल नंबर दिए हैं. अब डीआरआई की टीम उन नंबराें के आधार पर साेना के बिस्किट के तस्कराें का सुराग लगाने में जुटी है.

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