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PM मोदी ने की मन की बात, अब चाइनीज नहीं लोकल खिलौने से खेलेगा भारत

DELHI :  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित कर रहे थे। रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के तहत पीएम मोदी का संबोधन चल रहा था।यह ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 68वां संस्करण था।

कार्यक्रम ‘मन की बात’ को देशभर में आकाशवाणी और दूरदर्शन नेटवर्क पर प्रसारित किया गया। आप फर्स्ट बिहार झारखंड के सभी डिजिटल प्लेटफार्म पर भी मन की बात कार्यक्रम को सुन सकते हैं।

यहां सुनिए पीएम मोदी का लाइव संबोधन –

मन की बात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में हो रहे हर आयोजन में जिस तरह का संयम और सादगी इस बार देखी जा रही है, वो अभूतपूर्व है. हम बहुत बारीकी से अगर देखेंगे, तो एक बात अवश्य हमारे ध्यान में आयेगी – हमारे पर्व और पर्यावरण.. इन दोनों के बीच एक बहुत गहरा नाता रहा है. इन दिनों ओणम का पर्व भी धूम-धाम से मनाया जा रहा है.

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे किसानों ने कोरोना की इस कठिन परिस्थितियों में भी अपनी ताकत को साबित किया है.  उन्होंने लोकल फॉर वोकल मुहीम के तहत अपने आसपास के कारीगरों को सपोर्ट करने की अपील की.  भारत आने वाले समय में खिलौनों के केंद्र के रूप में भी विकसित हो रहा है.उन्होंने आन्ध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम के सी.वी. राजू के बारे में बताया कि वो लकड़ियों से खिलौने बनाते हैं. हमें जरूरत है कि हम उन जैसे कारीगरों को सपोर्ट करें.

पीएम मोदी ने कहा कि अब कंप्यूटर और स्मार्टफ़ोन के इस जमाने में कंप्यूटर गेम्स का भी बहुत ट्रेंड है. ये गेम्स बच्चे भी खेलते हैं, बड़े भी खेलते हैं. लेकिन, इनमें भी जितने गेम्स होते हैं, उनकी थीम्स भी अधिकतर बाहर की ही होती हैं. आत्मनिर्भर भारत अभियान में वर्चुअल गेम्स हों, ट्वाएड का सेक्टर हो, इसमें सभी को बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है.

पीएम मोदी ने कहा कि भारत वासियों के इनोवेशन और साल्यूशन देने की क्षमता का लोहा हर कोई मानता है और जब समर्पण भाव हो, संवेदना हो तो ये शक्ति असीम बन जाती है. इस महीने की शुरुआत में, देश के युवाओं के सामने, एक एप इनोवेशन चैलेंज रखा गया. उन्होंने कहा कि हो सकता है आप भी ऐसा कुछ बनाने के लिए प्रेरित हो जायें. इनमें एक ऐप है, कुटुकी किड्स लर्निंग ऐप. ये बच्चों के लिए ऐसा रोचक ऐप है जिसमें गानों और कहानियों के जरिए बच्चे मैथ साइंस में बहुत कुछ सीख सकते हैं. इसमें एक्टिवीटिज भी हैं, खेल भी.

उन्होंने कोरोना काल के समय शिक्षकों के योगदान की भी जमकर सराहना की. उन्होंने कहा कि हमारे देश के शिक्षक समय के साथ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर बच्चों के भविष्य को संवारने का काम कर रहे हैं.

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