BIHARBreaking NewsSTATE

पश्चिम चंपारण में बगहा के आंगनबाड़ी में टीकाकरण के बाद बी’मार हुए डेढ़ दर्जन बच्चे, एक नवजात की मौ’त

आंगनबाड़ी में टीकाकरण के बाद 18 बच्चे बीमार हो गए व एक डेढ़ माह के नवजात की मौ’त हो गई। घ’टना प्रखंड बगहा दो के जिमरी नौतनवा के मैनहा गांव की है। जहां शुक्रवार को आंगनबाड़ी में पीएचसी बगहा दो के एएनएम सीमा कुमारी ने उक्त सभी बच्चों को टीका दिया था। टीका देने के कुछ घंटे बाद ही सभी बच्चों जिसमें नौ किशोरी भी शामिल हैं उनकी स्थिति बि’गड़ने लगी। इस दौरान श्याम महतो के डेढ़ माह का बेटे की हा’लत बहुत खराब हो गई और इस कारण उसकी मौ’त हो गई। बाद में ग्रामीणों ने इसकी सूचना पीएचसी प्रशासन को दी। इसके बाद पीएचसी प्रशासन हरकत में आया। करीब 11 बजे रात को पीएचसी स्तर पर एंबुलेंस भेज सभी बीमार बच्चों को अनुमंडलीय अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया।
अनुमंडलीय अस्पताल के डॉक्टर संजय कुमार का कहना है कि फिलहाल सभी डेढ़ दर्जन बच्चों की स्थिति सामान्य हो रही है। उन्होंने बताया कि सभी का इलाज जारी है। वहीं इस घ’टना के बाद ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग की ला’परवाही के प्रति रोष जताया है। इधर, इस संबंध में पीएचसी प्रभारी डॉ. राजेश सिंह नीरज का कहना है कि घ’टना की सूचना मिलने के बाद टीम गठित कर मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि जांच में दो’षी पाए जाने वाले कर्मी पर विभागीय कार्र’वाई की जाएगी। इस घटना के बाद पूरे गांव में दह’शत का माहौल है।


एंबुलेंस के लिए ग्रामीणों को करनी पड़ी काफी मशक्कत
बगहा दो प्रखंड के जिमरी नौतनवा में मैनहा गांव में टीकाकरण के बाद बीमार पड़े बच्चों को इ’लाज के लिए अस्पताल लाने में परिजनों व ग्रामीणों को काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा। परिजन गौरीशंकर महतो गंगासागर काजी धर्मनाथ काजी आदि की माने तो उनका कहना है कि बच्चे बीमार पड़ने लगे। इसकी सूचना उनकी ओर से ट्रोल फ्री नंबर पर दी गई। लेकिन इसके बाद भी उन्हें एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सका। ऐसे में बच्चों की हालात बिग’ड़ने लगी इसे देख ग्रामीणों ने आपसी सहयोग कर प्राइवेट गाड़ी से कुछ बच्चों को इलाज के लिए अनुमंडल अस्पताल ले गए। यहां आने के बाद हं’गामा किया गया। इसके बाद एंबुलेंस कर्मियों की नींद खुली व करीब 11 बजे रात को ग्रामीणों को एंबुलेंस की सेवा मिल सकी। इसके बाद बीमार बच्चों को इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया। एंबुलेंस कर्मियों के उदासीन रवैये को लेकर ग्रामीणों में रो’ष है। उन्होंने मामले की जांच कर कार्र’वाई की मांग की है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.