लॉकडाउन में स्थानीय बस सेवा पर रोक व दिल्ली-मुजफ्फरपुर बस सेवा को दी जा रही छूट पर जांच का आदेश दिया गया है। बिहार मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के ज्ञापन पर कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री ने परिवहन सचिव को इसकी जांच कराने के आदेश दिए हैं। फेडरेशन ने इस मामले में मुख्यमंत्री व प्रमंडलीय आयुक्त को ज्ञापन सौंपा था।
बिहार मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन ने दिल्ली-मुजफ्फरपुर बस सेवा जारी रहने पर गहरा ऐतराज जताया है। प्रदेश अध्यक्ष उदय शंकर सिंह ने इस मामले में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में कहा था कि लॉकडाउन में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए राज्य के अंदर बस परिचालन पर रोक लगा दी गई है। पर मुजफ्फरपुर सहित उत्तर बिहार में दर्जनों बसों का परिचालन दिल्ली के लिए हो रहा है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अधिकारियों की मिलीभगत से दिल्ली-मुजफ्फरपुर सहित उत्तर बिहार में बस सेवा बहाल है। यात्रियों से निर्धारित दर से कई गुना भाड़ा वसूल किया जा रहा है। महानगर की बसों को परिचालन की अनुमति देने वाले अधिकारी पर आवश्यक कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष ने जांच के आदेश दिए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया है।

परिवहन प्राधिकार की बैठक में 52 बसों को परमिट
आयुक्त कार्यालय में बुधवार को परिवहन प्राधिकार की बैठक हुई। इसमें विचार के लिए कुल 149 आवेदन आए थे। प्रमंडलीय आयुक्त पंकज कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 52 उन आवेदनों पर विचार किया गया, जिनके खिलाफ कोई आपत्ति दर्ज नहीं की गई थी। 52 आवेदनों के आधार पर बसों को परमिट जारी करने का आदेश दे दिया गया। बाकी के आवेदनों पर चूंकि आपत्ति दर्ज की गई थी, इसलिए उन आवेदनों पर स्थिति सामान्य होने पर विचार करने का निर्णय लिया गया। बैठक में आरटीए सचिव अतुल कुमार वर्मा व बिहार मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के अध्यक्ष उदय शंकर सिंह भी थे।





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