चार माह की मशक्कत के बाद जिले को कोरोना के थर्ड स्टेज के इलाज में इस्तेमाल होनेवाली दवा की पहली खेप मिल गई है। यह दवा शहर के दो मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध कराई गई है। पुर्जा दिखाकर मेडिकल स्टोर से दवा ली जा सकती है।
ड्रग इंस्पेक्टर विकास शिरोमणि की मांग पर दवा कंपनी ने थर्ड स्टेज की दवा जिले को उपलब्ध करा दी है। थर्ड स्टेज में इस्तेमाल होने वाली इस दवा की आपूर्ति से गंभीर मरीजों की जान बचने की उम्मीद बढ़ गई है। इस दवा को मंगाने की पहली कोशिश एसकेएमसीएच अधीक्षक डॉ. सुनील शाही ने की थी। इसके बाद डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने इसकी पहल के निर्देश ड्रग इंसपेक्टर को दिए।

डीएम से निर्देश मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने दवा निर्माता कंपनी से लगातार संपर्क साधा और यह दवा अब उपलब्ध हो गई है। हालांकि दवा कंपनी ने अपने स्टॉकिस्ट के यहां ही दवा उपलबध कराई है, जहां से मरीज के परिजन कोविड सर्टिफिकेट दिखाकर ही यह दवा प्राप्त कर सकते हैं।
थर्ड स्टेज की इन दवाओं में चार तरह की दवा है, जिसमें एक इंजेक्शन भी है। एक इंजेक्शन की कीमत 54 सौ रुपये है और एक गंभीर मरीज को इसकी औसत चार डोज दी जाती है। ड्रग इंस्पेक्टर विकास शिरोमणि ने बताया कि जिले में आधा दर्जन काउंटर पर यह दवा उपलब्ध कराई गई है। मरीज का पुर्जा व आधार कार्ड की फोटो कॉपी लेने के बाद ही दुकानदार यह दवा उपलबध कराएगा।





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