सुशांत सिंह राजपूत केस में मुंबई पुलिस और बिहार पुलिस के बीच तनातनी देखने को मिल रही है। शुरुआत से इस केस पर मुंबई पुलिस काम कर रही थी, लेकिन सुशांत के परिवार ने एफआईआर बिहार में दर्ज कराया है, जिसके बाद पूरा केस बिहार पुलिस के पास जा चुकी है। लिहाजा, केस की छानबीन करने के लिए बिहार से चार पुलिस की टीम मुंबई भेजी गई है।
कहा जा रहा था कि दोनों राज्यों की पुलिस मिलकर इस पर काम करेगी। लेकिन रिपोर्ट्स की मानें तो मुंबई पुलिस यहां सपोर्ट करती नहीं दिख रही है। इतना ही नहीं, बल्कि ‘लाइव हिंदुस्तान’ की एक खबर की मानें तो मुंबई के डॉक्टरों ने बिहार पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट्स देने से इंकार किया है।
आरएन कूपर म्युनिसिपल हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर के पास भी एसआईटी पहुंची। लेकिन डॉक्टर ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संबंधित कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। डॉक्टर का कहना था कि पहले ही उन्होंने मुंबई पुलिस को सुशांत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट दे दी है। अगर एसआईटी चाहे तो मुंबई पुलिस से पोस्टमार्टम रिपोर्ट ले सकती है।
नहीं मिली है पोस्टमार्टम रिपोर्ट
पटना पुलिस की एसआईटी को अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली है। वहीं, 31 जुलाई को सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल होता दिखा जहां मुंबई पुलिस जल्दी जल्दी में बिहार पुलिस को वैन में बैठाकर ले गई।
बिहार पुलिस की मीडिया से दूरी
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मुंबई पुलिस वहां मौजूद मीडिया से बिहार पुलिस की बातचीत नहीं होने देना चाह रही है। सोशल मीडिया पर लोगों ने मुंबई पुलिस पर जमकर गुस्सा निकाला है।

सुशांत की फैमिली को भी मुंबई पुलिस पर नहीं है भरोसा
सुशांत के पिता ने कहा कि, मुंबई पुलिस शुरुआती दौर से लापरवाही कर रही है। जब उन्होंने पहले वहां एफआईआर दायर करने की बात की थी, तो मुंबई पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। वहीं, सुशांत के चाचा देव किशोर सिंह ने कहा कि मौत के बाद से ही जांच के नाम पर मुंबई पुलिस लीपापोती कर रही है।
पटना पुलिस ने मुंबई के डीसीपी को लिखा पत्र
सूत्रों की मानें पटना पुलिस ने मुंबई के डीसीपी को जांच में सहयोग करने को लेकर एक पत्र लिखा है। पत्र में कई बिंदुओं पर जांच करने और उसमें जानकारी उपलब्ध कराने की बात का जिक्र है। पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट की मांग भी पटना पुलिस ने की है।
तेजी से काम कर रही है बिहार पुलिस
25 जुलाई से अब तक एसआईटी ने सुशांत की बहन मीतू सिंह, उनके दोस्त मुकेश शेट्टी, कुक, गार्ड समेत पांच लोगों से बयान लिये हैं। वहीं, सुशांत के बैंक खातों की डिटेल की जानकारी भी ली गई है। सबूत के लिए एसआईटी इलेक्ट्रानिक्स एफीडेंस यानी सीडीआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वीडियो फुटेज, स्पॉट डेथ की वीडियो रिकार्डिंग को भी हासिल करने की जुगत में है।
लोग उठा रहे हैं सवाल
ऐसे में लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर मुंबई पुलिस ऐसा क्यों कर रही है! क्या इस केस पर निष्पक्ष जांच की जा रही है



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