पुरे देश सहित बिहार में भी व्यापक बेरोजगारी फैली हुई हैं. CMEI के ताजा आंकड़ों के अनुसार जहाँ पुरे देश में औसत बेरोजगारी की दर 7.7 फीसदी हैं तो वहीं, बिहार में यह दर 19.5 फीसदी हैं. सायबर ठग भी इस बात को भलीभांति जानते हैं और इसका भरपूर फायदा उठाने के जुगत में लग रहते हैं. पिछले दिनों सचिवालय और बिजली विभाग में फर्जी बहाली निकालने के बाद एक बार फिर शातिरों ने बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग के 2600 पदों को लेकर बहाली निकाल दिया है. इसको लेकर शातिर ने एक फर्जी वेबसाइट भी बना दिया है. बिहार में साइबर अपराधियों के बढ़ते करतूत को लेकर अब सभी परेशान हैं.
500 रुपए आवेदन शुल्क
ठग बिहार के बेरोजगार युवकों को चुना लगाने के लिए आवेदन शुल्क के नाम पर अवैध वसूली कर रहे हैं. ताजा मामले में आवेदन शुल्क के रूप में 500-500 रुपए मांग रहे हैं. जो वेबसाइट बनाया है उसको असली दिखाने और लोगों को भरोसा दिलाने के लिए सीएम नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सुशील मोदी और श्रम संसाधन विभाग के मंत्री का फोटो भी लगा दिया है.

इन पदों पर निकाला बहाली
शातिर ने एक अधिकारी के हवाले से बहाली निकाला है. इनमें 207 स्टेनोग्राफर, 1105 डाटा एंट्री ऑपरेटर और 1366 चपरासी के लिए बहाली निकाली गई है. सबकुछ ऑनलाइन ही करना है. इसके बारे में श्रम संसाधन विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अपराधियों के करतूत को फर्जी बताते हुए माना हैं कि विभाग में ऐसी कोई एजेंसी नहीं है और न ही विज्ञापन निकाला गया है. मा’मले की जांच कराई जाएगी. ठगी करने वालों के खि’लाफ का’र्रवाई की जाएगी.



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