मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जल संसाधन विभाग के सचिव को निर्देश दिया है कि जिन तटबंधों पर बाढ़ के पानी का दवाब है, वहां इंजीनियर अलर्ट मोड पर रहें और वहां तैनात रहें। तटबंधों के निकट पर्याप्त मात्रा में सामग्री की उपलब्धता रखें, ताकि किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में आपातकालीन मरम्मत की जा सके। दवाब वाले तटबंधों पर 24 घंटे पेट्र्रोंलग की व्यवस्था सुनिश्चित हो, ताकि बांधों की नियमित निगरानी हो सके।
मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव को निर्देश दिया है कि बाढ़ प्रभावित जिलों में जिन्हें बाहर लाया जा रहा है, उन्हें अच्छे राहत कैंपों में बेहतर व्यवस्था के साथ रखा जाए। उनके लिए पर्याप्त संख्या में सामुदायिक किचेन की व्यवस्था हो। वहां निर्धारित मानक के अनुसार समुचित व्यवस्था उपलब्ध हो। कहा कि आवश्यकतानुसार कम्युनिटी किचेन और राहत केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए और वहां सोशल डिस्र्टेंंसग के नियम का पूरा अनुपालन हो। राहत केन्द्र में रहने वाले लोगों को नि:शुल्क मास्क उपलब्ध कराया जाए।

सामुदायिक रसोई में भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें
सीएम ने निर्देश दिया कि सामुदायिक किचेन में भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिए जाएं। नावों की भी समुचित व्यवस्था हो। पशुओं के लिए भी रहने एवं चारे की समुचित व्यवस्था करें। बाढ़ प्रभावित इलाकों में जीआर वितरण का कार्य डीबीटी के माध्यम से तीव्र गति से कराएं। इसके लिए धनराशि की कमी नहीं होने दी जाएगी।



Leave a Reply