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मुजफ्फरपुर: कोरोना वार्ड में 18 घंटे तक छ’टपटाता रहा मरीज, देखने तक नहीं आए चिकित्सक…

सर, शुक्रवार की रात एक बजे भर्ती हुए। शनिवार शाम छह बजे तक कोई डॉक्टर झांकने तक नहीं आया। इतना कहकर भावुक हो गए बैरिया इलाके के एक संक्र’मित। एसकेएमसीएच में कोरेाना मरीज के लिए बने जनरल वार्ड में स्वजनों के हं’गामा करने के बाद भ’र्ती कर दिया गया। उसके बाद कोई देखने वाला नहीं। सांस फूल रही है। अब तो भगवान ही मालिक है। वार्ड में सुबह से पानी नहीं मिलने से मरीजों ने हंगा’मा किया। शौचा’लय की सफाई भी नहीं हो रही है। मरीजों का आ’रोप है कि बिना हंगा’मा किए या पहुंच लगाए न सही इलाज हो रहा न समय पर रिपोर्ट ही मिल रही है। सदातपुर के मुखिया अनिल चौबे ने कहा कि एक मरीज को भर्ती कराने के लिए उन्होंने वरीय अधिकारी से पहल की तब इंट्री मिली। उन्होंने जिलाधिकारी से यहां की व्यवस्था की समीक्षा करने पर बल दिया, ताकि आम मरीजों को राहत मिल सके। इलाज की जो हालत है उससे आने वाले दिन भ’यावह हो जाएंगे। वरीय अधिकारी को हस्तक्षेप करना चाहिए।

डिस्चार्ज होने के लिए लगाया एड़ी-चोटी का जोर

इधर वहां भर्ती म’रीज को दो दिन पहले ही इलाज करने वाले चिकित्सक ने घर जाने की सलाह दी थी। लेकिन, वहां से नाम कट’वाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ा। प्राचार्य डॉ.विकास कुमार ने जब पहल की तो उसके बाद नाम काटकर घर जाने की इजाजत दी गई।

कंट्रोल रूम में कोई सुनने वाला नहीं

मरीजों ने कहा कि कंट्रोल रूम में कोई सुनने वाला नहीं। इमरजेंसी मे भी श’व पड़ा हुआ है। वहां भर्ती मरीजों में भ’य है। अपने स्वजन का इलाज करा रही एक महिला ने बताया कि यहां पर ला’वारिस ला’श पड़ी है। इसे हटाए नहीं जाने से इलाज कराने वालों में भ’य है।

जांच व जागरूकता नहीं होने से भ’य

शेखपुर इलाके में एक संक्र’मित की मौ’त के बाद लोगों में भ’य है। वहां स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच के लिए नहीं गई। रोकथाम का भी कोई उपाय नहीं किया गया। सामाजिक कार्यकर्ता प्रितयम मिश्रा ने बताया कि जिला कंट्रोल रूम को फोन करने पर कोई रिस्पांस नहीं मिला। वहीं, यहां पर शिविर लगातार लक्षण के आधार पर नमूना संग्रह होना चाहिए।

सदर अस्पताल में रिपोर्ट के लिए भटक रहे लोग

सदर अस्पताल में स्वजन की रिपोर्ट लेने पहुंचे रसुलपुर जिलानी के मुकेश कुमार ने बताया कि उसने जब रिपोर्ट मांगी तो उसे आगे का रास्ता बता दिया गया। कहा कि जांच जब सदर अस्पताल में कराई तो मुशहरी क्यों भेजा जा रहा है? इस पर जिला कंट्रोल रूम में तैनात लोगों ने कहासुनी की। इस तरह रिपोर्ट को लेकर लोग भटकते रहे। अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ.विनय कुमार शर्मा ने बताया कि जिला कंट्रोल रूम से पूरे जिले की सूचना मिलनी चाहिए। अगर नहीं मिल रही तो यह दु’खद है। वह खुद इसकी जांच करेंगे। आम लोगों से अपील की कि वह रिपोर्ट के लिए एक आवेदन के साथ पर्ची लगाकर कंट्रोल रूम मे जमा करें। उनको दो दिन के अंदर रिपोर्ट मिल जाएगी। एंटीजन जांच की रिपोर्ट तो सुबह नमूना देने के बाद शाम तक हर हाल मे देने का निर्देश दिया गया है।

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