मुजफ्फरपुर पूर्व विधायक विजेंद्र चौधरी- बिहार की जनता कोरोना और बाढ़ की विभीषिका से त्रस्त है, और सरकार चुनाव की तैयारी में व्यस्त है, लगभग 25 ज़िला के 50 लाख जनता बाढ़ से बेघर हो गई है और बाँध और सड़कों पर रहने को मजबूर हैं उनके हक मे कोई सोचने वाला नहीं हैं वो बेघर होकर भूखे प्यासे सड़कों पर अपनी जिंदगी गुजारने पर मजबूर है दूसरी और 26,379 प्लस कोरोना पॉजिटिव और 179 प्लस मौ’त से लोग द’हशत में है उनकी सुध- बुद्ध लेने वाला कोई नहीं है मरीज़ अपना ऑक्सीजन सिलेंडर खुद ढ़ो रहे है और हॉस्पिटल-हॉस्पीटल भटक रहें हैं। ला’शों के बीच पैसेंट अपना इलाज कराने को मजबूर है ऑक्सीजन के बिना मरीज़ म’र रहे है किसी को पता ही नहीं कि कोरोना पॉजिटिव रहने पर कहा जाना है और किससे मिलना है।
किसी भी हॉस्पिटल में एक भी बेड उपलब्ध नहीं है और सरकार चुनाव कि तैयारी में लगी हैं शहरी विकास मंत्री का ज़िला जलमग्न हो गया और उनका जनता से सम्वाद भी स्थापित नहीं हो पा रहा है पूरे शहर मे जल जमाव की स्थिति आ गई है लोग अपने घरों मे रहने को मजबूर हो गए है 15 जून के पहले नगर विकास मंत्री जी को शहर की मुख्य नालो कि सफ़ाई कि व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त करवा लेनी चाहिए थी लेकिन शहरी विकास मंत्री अपने मोहल्ले की भी नालियों को साफ़ सुथरा नहीं करवा सके नगर विकास मंत्री जी को अपने शहर की चिन्ता नहीं है मंत्री जी को यदि चिन्ता होती तो अपने क्षेत्र के कोरोना मरीज़ों की हालत की समीक्षा करते
और लोगों की मदद करते पानी निकासी की व्यवस्था 15 जून से पहले करवा देते लेकिन शहर की हालत खराब है उनको चिन्ता ही नहीं हैं अपने क्षेत्र के लोगों की। वो आराम फरमा रहे हैं। पूरे देश की मीडिया सरकार की आलोचना कर रहीं है, और सरकार वर्चुअल रैली में लगी हैं, और चुनाव में व्यस्त है।

केसे होगा चुनाव जब जनता भूख प्यास और कोरोना से दम तोड़ रही है क्या लाशों के ढ़ेर पर चुनाव होगा EVM ट्रेनिंग से कर्मचारी संक्रमित हो रहे है वोटिंग की प्रकिया पूरी होते होते ना जाने कितने कर्मचारी, मीडिया और पुलिस संक्रमित हो जाएंगे इसका अंदाजा सरकार को नहीं है
में यह अपील करता हू की सरकार एवं चुनाव आयोग से की अगर वो हठ पर अड़ी है कि चुनाव करवाएंगे ही तो हर एक वोटर को PPE किट देने और बूथ पर आने और घर लौटने की पूरी व्यवस्था करे।
पूर्व विधायक विजेंद्र चौधरी मुजफ्फरपुर Vijendra Chaudhary



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