नई दिल्ली. नेपाल (Nepal) के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) के बेतुके बयान के बाद अब नेपाल का पुरातत्वविभाग अपने प्रधानमंत्री के बोले हुए शब्दों को सच साबित करने में लग गया है. आपको याद दिला दें कि नेपाल के पीएम ने हाल हीमें कहा था कि भगवान श्रीराम (Lord Ram) ‘नेपाली‘ हैं और भारत में नकली अयोध्या (Ayodhya) बनाकर भारत ने नेपाल केसांस्कृतिक तथ्यों पर अतिक्रमण किया गया.
नेपाल के पुरातत्व विभाग ने कहा है कि वह जल्द भगवान राम के नेपाल के जन्म स्थान को लेकर पुरातत्व अध्ययन शुरू करेगा. नेपाल के पुरातत्व विभाग के डीजी दामोदर गौतम ने कहा है कि एक जिम्मेदार संस्था के रूप में वो देश में सांस्कृतिक और धार्मिकस्थलों के बारे में पुरातत्व खुदाई, अनुसंधान और अध्ययन करते आए हैं. ऐसे में अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हट सकते, खासकर जबप्रधानमंत्री ने इस संबंध में एक बयान दिया है.
उन्होंने कहा कि उनका विभाग इतिहासकारों, सांस्कृतिक विशेषज्ञों, धार्मिक नेताओं, प्रोफेसरों और शोधकर्ताओं के साथ एक ज्ञानसाझाकरण कार्यक्रम का आयोजन करेगा और उसके बाद उत्खनन के प्रमुख स्थान को अंतिम रूप दिया जाएगा. पुरातत्व विभाग नेकहा कि प्रधानमंत्री ओली के दावे के अनुसार फिलहाल बारा के थोरी गांव में उत्खनन की शुरुआत नहीं करेगा. नेपाल के पुरातत्वविभाग का दावा है कि पिछले कुछ सालों में उन्होंने बारा, धौंसा और चितवन जिलों में उत्खनन किया है जो कि नदी किनारे हैं.
नेपाल के पुरातत्व विभाग ने कहा, ‘हमारे पास पुख्ता सबूत है कि इन इलाकों में प्राचीन सभ्यता मौजूद थी, लेकिन हमारे पास इसबात के सबूत नहीं है कि असली अयोध्या इनमें से किसी ज़िले में थी.’



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