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नीतीश के विकास से दूर है गया का ये गांव, खटिया के सहारे अस्पताल पहुंचते हैं मरीज!

गया. बिहार (Bihar) के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) के पैतृक आवास के पास के गांव कटारी में नीतिश कुमार (Nitish Kumar) सरकार का विकास नहीं पहुंच पाया है. हालात ये हैं कि सड़क तक यहां नहीं बन पाई है. गांव के लोगों की उम्मीद थी कि जीतन राम मांझी के सीएम रहते कार्यकाल में गांव की सड़क बन जाएगी, लेकिन मांझी भी इनकी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे. नीतीश कुमार की सरकार में भी इस गांव तक विकास नहीं पहुंच सका है. बीमार हो जाने पर खटिया के सहारे दलदल भरे पानी को पार कर अस्पताल पहुंचाते हैं. हाल ही में फिर यही हालात देखने को मिले.
आजादी के 73 वर्ष बीत जाने के बावजूद भी इस गांव में रहने वाले ग्रामीणों को बिहार सरकार के उस योजना का लाभ नहीं मिला है, जिसको लेकर सरकार बड़े बड़े दावे करती है. गया जिले के अतरी विधानसभा के कटारी गांव के लोग आजादी के बाद से ही नजरें बिछाई हुई हैं कि कब हमलोग भी दूसरे गांव की तरह पक्की सड़क होगी और मूलभूत सुविधा से हमारा गांव सुगम हो जाएगा. सुगम सड़क नहीं रहने से छोटी बीमारी से ग्रसित को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने से जान गंवानी पड़ी है. सड़क कटारी से पूर्व मुख्यमंत्री के पैतृक गांव महकार तक जाती है.

कटारी गांव के ग्रामीण पक्की सड़क, नली गली, घर तक नल जल, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि मूलभूत सुविधा के लिए लालायित हैं. ग्रामीण खटिए पर मरीज को लेटा कर लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर खिजरसराय ले जाते हैं. हाला ही में विकी कुमार अपने बीमार परिजनों को इलाज के लिए खटिया पर लेटा कर पैदल कई किलोमीटर अपने कंधे पर उठाकर इलाज के लिए खिजरसराय ले गए. बताया जा रहा है कि समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने के अभाव में जान भी चली गई है. बहरहाल बिहार में विधानसभा चुनाव है. ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि अब हालात सुधर सकते हैं.

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