लॉकडाउन में राशन व अन्य सामग्री की आवक कम होने की बात बता खुदरा कारोबारी आम ग्राहकों से सामान के अधिक रुपये वसूल रहें। ये खुदरा कारोबारी ज्यादातर गली-मोहल्लों व ग्रामीण क्षेत्रों में दुकान करने वाले हैं। ये आलू, प्याज, चावल, दाल, सरसो तेल एवं घरों में प्रयोग होने वाले अधिकांश जरूरी वस्तुओं के अधिक दाम ले रहे हैं। ऐसे में लोगों के घर का बजट बिकड़ने लगा है। पुरानी बाजार की गृहिणी किरण सराफ ने बताया कि लॉकडाउन से पहले जो बिस्किट 50 रुपये में लाती थी अब वो 55 रुपये में मिल रहा है। उसके साथ कई अन्य सामान के भाव में वृद्धि होने से परेशानी बढ़ गई है। सादपुरा किला मोहल्ला की गृहिणी शाहिना परवीन ने बताया कि मसूर दाल पहले 60 रुपये किलो मिलता था। शुक्रवार को पास के दुकानदार ने इसे 80 रुपये किलो दिया। वहीं, सरसो तेल की कीमत 107 रुपये लीटर की जगह 117 रुपये लिये।इधर, कारोबरियों का कहना है कि माल की आवक कम होने के साथ ढुलाई का भाड़ा भी इन दिनों बढ़ गया है। ऐसे में उन्हें मुश्किल से सामान मिल रहा है।

वहीं, जो मिल रहा उसकी उनसे ज्यादा कीमत ली जा रही है। इस कारण ग्राहकों से सामान का ज्यादा दाम लेने उनकी मजबूरी हो गयी है। उधर, अखाड़ाघाट के ट्रांसपोर्ट एजेंसी के प्रबंधक राजीव रंजन ने बताया कि ट्रांसपोटेशन भाड़े में पांच से दस रुपये की गिरावट हुई है। लेकिन, गोदाम से सामान थोक कारोबारियों तक नहीं पहुंच रहा है। सुबह दस बजे के बाद कोई ठेला चालक पुलिस के भय से गोदाम से सामान डिलिवरी कराने व्यवसायियों के पास नहीं जाता है। इसका लाभ खुदरा कारोबारी उठा रहे हैं।



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