बागमती में उफान थमने के बाद अब मुजफ्फरपुर में बूढ़ी गंडक उफनाने लगी है। शहर के निचले इलाकों पर पानी का दबाव बढ़ गया है। शनिवार को जीरोमाइल स्थित अहियापुर थाने में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया। नदी का पानी बढ़ने के कारण निचले इलाके के मोहल्ले तेजी से खाली हो रहे हैं। दूसरी तरफ लखनदेई और मनुषमारा का पानी औराई और कटरा के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फिर तेजी से फैल रहा है।
अहियापुर थाना परिसर में पानी घुसने से पुलिस कर्मियों में अफरातफरी की स्थिति रही। शहर में नदी किनारे वार्ड 13, 14 और 17 की दर्जनों झोपड़ियां डूब गयी हैं। सिकंदरपुर मुक्तिधाम के सटे नदी किनारे के झुग्गी-झोपड़ियों पर पानी चढ़ गया है। झील नगर और कर्पूरी नगर का भी यही हाल है। वार्ड 17 के आश्रमघाट और सूर्य मंदिर से सटे मोहल्लों को पानी छूने लगा है। अब अगर नदी का जलस्तर तीन-चार फीट बढ़ा है तो पूरा इलाका डूबने लगेगा। जलकार्य विभाग के प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि अगर एक फीट और नदी का जलस्तर बढ़ा तो स्लुइस गेट बंद करना होगा।

उधर, लखनदेई व मनुषमारा का पानी औराई की 16 पंचायतों के संपूर्ण चौर में फैल गया है। धरहरवा, घनश्यामपुर, नयागांव, बभनगावां, राजखंड उत्तरी व दक्षिणी, भलुरा, सिमरी, रामपुर विषनपुर गोखुल समेत कई पंचायतों में करीब डेढ़ से दो हजार घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। जबकि दो दर्जन पगडंडी वह ग्रामीण सड़कें डूब गई हैं। कटरा में भी संकट घटा नहीं है। इस बीच अलग-अलग जगहों पर शनिवार को डूबने से तीन लोगों की मौत हो गई।



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