कोरोना वायरस को लेकर लोगों में दहशत है। वायरस की चपेट में आने से बचने के लिए लोग घरों में हैं। जबकि बैंक कर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर पहले की भांति लॉकडाउन में ड्यूटी कर रहें हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण से कई साथियों को खोने के बाद अब बैंक कर्मियों की ओर से सुरक्षा की मांग की तेजी से की जाने लगी है। राज्य स्तरीय बैंकिंग समिति ने छह सूत्री सुझाव दिए हैं। समिति ने लॉकडाउन अवधि तक के लिए सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक शाखाओं को खोलने, एक से अधिक शाखा वाले क्षेत्र में रोटेशन पर शाखा खोलने व कोविड-19 से संक्रमित बैंक कर्मियों के इलाज के लिए निजी अस्पताल चिह्नित करने की मांग की है। जिला प्रशासन से बैंक कर्मियों की जांच के लिए स्पेशल ड्राइव चलाने व बैंक के लिए विशेष क्वारंटाइन सेंटर खोलने व शाखाओं में जरूरी सेवाएं जारी रखने की सिफारिश की गई है। बिहार स्टेट सेंट्रल बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के महामंत्री मृत्युंजय मिश्रा बताते हैं कि कोरोना से बचाव के लिए व्यापक कदम उठाए गए हैं। अधिकांश सरकारी विभागों में 33 प्रतिशत कर्मियों से काम लिया जा रहा है। कई निजी व सरकारी कार्यालय बंद है। लेकिन बैंक में पूरी क्षमता के साथ कर्मियों से ड्यूटी ली जा रही है।

मैनेजर समेत कई कर्मियों की हो चुकी है मौ’त
बैंकों में तेजी से कोरोना का प्रसार हो रहा है। बीते दिनों गया में हेड कैशियर व भागलपुर में चीफ मैनेजर समेत कई कर्मियों की मौ’त हो चुकी है। कोरोना के प्रसार बाद मुजफ्फरपुर में आधा दर्जन शाखाओं को बंद कर दिया गया है। बैंक कर्मियों से कारोना से बचाव के लिए ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिशन की स्टेट कमेटी ने सीएम नीतीश कुमार से फरियाद लगाई है। कमेटी ने आठ बिंदुओं पर सीएम को सुझाव दिए हैं।



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