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मुजफ्फरपुर में स्थित 161 साल पुराना आर्मी कैंटीन दूसरे प्रदेश में हो रहा शिफ्ट, पूर्व सैनिकों में आ’क्रोश

मुजफ्फरपुर स्टेशन हेडक्वार्टर में 161 साल पुराना आर्मी कैंटीन को दूसरे प्रदेश में शिफ्ट किया जा रहा है। इसको लेकर उत्तर बिहार के हजारों पूर्व सैनिकों में खलबली मच गई है। कैंटीन को बचाने के लिए पूर्व सैनिक केंद्र सरकार से आर-पार की लड़ाई के मूड में आ चुके हैं। पूर्व सैनिक संघ के अध्यक्ष रामप्रवेश सिंह ने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौरान लॉकडाउन में कैंटीन बंद कर देना अच्छी बात है, लेकिन यहां से हटाकर दूसरे प्रदेश में शिफ्ट करना ठीक नहीं। मुजफ्फरपुर में सन 1859 में जब से आर्मी स्टेशन हेडक्वार्टर बना तब से यहां पूर्व व वर्तमान सैनिकों के लिए कैंटीन की सुविधा प्रदान की गई थी।


जम्मू के नगरोटा में किया जा रहा शिफ्ट

इधर, ज्ञात हुआ है कि मुजफ्फरपुर स्टेशन हेडक्वार्टर की कैंटीन को जम्मू के नगरोटा में शिफ्ट किया जा रहा है। उत्तर बिहार में एक लाख से अधिक सेवानिवृत्त फौजी से लेकर वीरांगना तक कैंटीन पर आधारित हैं। रोजमर्रा के साबुन, तेल, सर्फ आदि आवश्यक सामान टैक्स फ्री दर पर मिल जाते हैं, इससे परिवार चलाने में थोड़ी आसानी होती थी। उस अधिकार से वर्तमान एवं पूर्व सैनिकों को वंचित किया जा रहा है। बीच में एक साजिश के तहत पॉली क्लीनिक बंद किया गया। अब कैंटीन को बंद करने की तैयारी है।

जिलाध्यक्ष ने प्रधानमंत्री कार्यालय, रक्षा मंत्री, दिल्ली स्थित आर्मी के क्वार्टर मास्टर जेनरल (क्यूएमजी),सब एरिया दानापुर, मध्य कमान को शीघ्र पत्र लिखने का निर्णय लिया है। इस संदर्भ में मुजफ्फरपुर स्टेशन हेडक्वार्टर के एडम कमांडेंट से पत्र दिया जाएगा। अधिकारियों की ओर से माकूल जवाब नहीं मिलने पर पूर्व सैनिक सरकार के खि’लाफ सड़क पर उतरेंगे।

संघ संरक्षक मेजर जनरल अशोक सिन्हा (सेवानिवृत्त) से भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से विचार विमर्श किया गया है और उन्होंने पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया है। सचिव वीरेंद्र कुमार, उपाध्यक्ष नंद किशोर ठाकुर, परीक्षण चौधरी, कैप्टन मनोहर सिंह, एनके तिवारी, रवींद्र ठाकुर, आरसी चौधरी, दिलीप सिंह टाइगर, आरपी सिंह, जयप्रकाश सिंह कमांडो, एयरफोर्स एसोसिएशन मुजफ्फरपुर चैप्टर के नवीन कुमार, पंकज ठाकुर, सतीश कुमार शर्मा व आनंद कुमार ने भाग लिया।

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