मुजफ्फरपुर के छह प्रखंड बाढ़ की चपेट में, ढाई हजार ग्रामीणों के घर में पानी
मुजफ्फरपुर में बागमती, लखनदेई व मनुषमारा व गंडक के उफनाने से जिले के छह प्रखंड बाढ़ की चपेट में आ गये हैं। गंडक के जलस्तर में वृद्धि से साहेबगंज, पारू व सरैया प्रखंड में बांध के अंदर बसे डेढ़ दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ गये हैं। पारू में सुबह रिंग बांध टूटने से अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद टूटे बांध से गांवों में पानी के बहाव को रोका। मगर अभी खतरा बना हुआ है। बागमती औराई, कटरा व गायघाट में तबाही मचा रही है। तीनों प्रखंड में करीब ढाई हजार घरों में पानी घुसा हुआ है। दर्जनभर मुख्य सड़कों पर दो से तीन फीट पानी बह रहा है। लखनदेई व मनुषमारा का पानी भी औराई व कटरा के इलाके में फैल रहा है। बागमती के जलस्तर में हल्की कमी के बावजूद बाढ़ प्रभावित गांवों की स्थिति नहीं सुधरी है। इधर, कांटी प्रखंड के मिठनसराय इलाके में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। खेतों अचानक बढ़े पानी से निचले इलाके में बसे लोग मुजफ्फरपुर-दरभंगा एनएच 57 पर शरण लेने के लिए बांस-बल्ला लगा दिया है।
सीतामढ़ी में नदियों के जलस्तर में कमी हो रही है। हालांकि चौरौत पुपरी पथ पर बाढ़ का पानी चढ़ गया है। जिससे आवागमन बाधित हो गया है। बागमती कटौझा में खतरे के निशान से ऊपर है। बाजपट्टी प्रखंड में डूबने से एक बालक कि मौ’त हो गई है।

सिकरहना का बांध टूटने से चिरैया के निचले इलाके में फैल रहा पानी
पूर्वी चंपारण के चिरैया में सिकरहना का बांध टूटने से पानी निचले इलाके में घुसने लगा है। सरसावा गांव के पास सिकरहना नदी का बांध सोमवार देर रात बीस फिट में टूट गया। बांध के पास बना सड़क पुल भी ध्वस्त हो गया है। इससे सरसावा गांव का संपर्क दूसरे गांवों से कट गया है। नदी का पानी तेजी से सरसावा,सुन्दरपुर खाप,डीह महुआही, आमगच्छी,सरौगड़ व बैद्यनाथपुर गांव की ओर बढ़ रहा है। करीब चार सौ हेक्टेयर में लगी धान की फसल पूरी तरह डूब गयी है। पश्चिम चंपारण के बगहा में एनएच-727 के करीब गंडक का पानी पहुंच गया है। सड़क पर पानी का दबाव बढ़ने से टूटने का खतरा बढ़ गया है।



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