मुजफ्फरपुर। जिले में शुक्रवार को फिर 58 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इसमें एसकेएमसीएच के पांच व सदर अस्पताल से जुड़े दो समेत 21 चिकित्सक शामिल हैं। साथ ही जूरन छपरा इलाका हाई रिस्क में चला गया है। यहां निजी क्लीनिक चलाने वाले कई चिकित्सकों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। इधर, केजरीवाल अस्पताल को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। यहां के शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ.राजीव कुमार ने बताया कि जो बच्चे भर्ती हैं उनका इलाज होगा। नए बच्चे या प्रसूता को भर्ती नहीं किया जाएगा। एक साथ कई चिकित्सक पारिवारिक कारण से अवकाश पर हैं। इसलिए यह कदम उठाया गया है। एसकेएमसी के प्राचार्य डॉ.विकास कुमार ने बताया कि शुक्रवार को 58 लोग संक्रमित मिले हैं। इनमें अधिकतर निजी व सरकारी चिकित्सक शामिल हैं।
वरीय अधिकारी को संक्रमण : जिले के स्वास्थ्य विभाग के एक वरीय अधिकारी व सदर अस्पताल की प्रयोगशाला से जुड़े एक चिकित्सक पॉजिटिव मिले हैं। इसके बाद विभाग में हडकं’प है। सूचना है कि वरीय अधिकारी ने तीन दिन पहले जांच के लिए नमूना दिया था। उसके बाद से वह लगातार सरकारी बैठकों में शामिल होते रहे हैं। प्रतिदिन वह जिला स्वास्थ्य समिति व सदर अस्पताल कार्यालय में भी आते रहे हैं। अब अस्पताल के कर्मियों में दहशत का माहौल है।
बोले एसडीओ पूर्वी, अस्पताल सील नहीं : एसडीओ पूर्वी डॉ. कुंदन कुमार ने कहा कि अभी तक कम्युनिटी स्प्रेड का मामला नहीं मिला है। इसलिए न कोई अस्पताल व क्लीनिक सील किया गया है और न ही कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। कर्मियों की जांच रिपोर्ट आने के बाद जरूरत के अनुसार ही कंटेनमेंट जोन व सील करने की कवायद की जाएगी।
सदर अस्पताल के सभी चिकित्सक व कर्मियों के नमूने होंगे संग्रहित : सिविल सर्जन डॉ.एसपी सिंह ने बताया कि जूरन छपरा में सबसे ज्यादा मरीज मिल रहे हैं। इसलिए उस इलाके को कंटेंटमेंट जोन बनाने की कवायद चल रही है। सदर अस्पताल के सभी चिकित्सक व कर्मियों के नमूने संग्रहित करने का आदेश दिया गया है। दस अस्पतालों को चिह्नित किया गया है। वहां भर्ती मरीजों की लाइन लिस्ट कराने के बाद नमूने संग्रहित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जूरन छपरा इलाके से सौ लोगों के नमूने संग्रहित किए गए हैं। वहीं, आधा दर्जन निजी अस्पतालों में मरीजों को क्वारंटाइन किया गया है।

ये बनी रणनीति
– केजरीवाल सहित 10 निजी अस्पताल की जांच कर वहां भर्ती मरीजों की सूची बनाकर उसके संपर्क में आए लोगों की खोज होगी।
– वहां पर भर्ती मरीजों की जांच के बाद रिपोर्ट निगेटिव आने पर उनको छुट्टी मिलेगी। अगर पॉजिटिव होंगे तो वहीं पर इलाज किया जाएगा।
– एसकेएमसीएच इस विपरीत हालत में सरकार से मार्गदर्शन मांगेगा।
Input: Dainik Jagran



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