कुढ़नी
गैंगवार में वैशाली जिले के जारंग रामपुर के कुख्यात आलोक कुमार की अपरा’धियों ने ह’त्या कर दी। गुरुवार दोपहर दो बजे बोलेरो सवार चार ब’दमाशों ने उसके श’व को प्लास्टिक के बोरे में रखकर गोरौल थाना क्षेत्र के भिखनपुरा में सड़क किनारे फेंक दिया। इसकी जानकारी गोरौल थाना व फकुली ओपी को दी। लेकिन सीमा विवाद में उलझी पुलिस रात नौ बजे के बाद श’व को उठाकर पोस्टमा’र्टम में भेजी। सूचना पर पहुंची कुढ़नी थाना अंतर्गत फकुली ओपी पुलिस शव बरामद करने के बाद छानबीन में जुट गई है। देर रात तक मृ’तक के परिजन का बयान नहीं हो सका था।
मौके पर पहुंची फकुली पुलिस को ग्रामीणों ने सफेद बोलेरो से श’व फेंके जाने की जानकारी दी। बताया कि सफेद बोरा खू’न से पूरा लाल हो चुका था। उससे खू’न टपक रहा था। इससे अंदाजा लगाया गया कि कुछ देर पहले ही अन्यत्र उसकी गो’ली मा’रकर ह’त्या की गई हो।
बोरे से जब पुलिस ने शव निकाला तो सिर और सीन में आधा दर्जन से अधिक गोलियां मारे जाने के जख्म दिख रहे थे। आलोक कुमार के पैर और हाथ पर भी जख्म थे। इससे यह साफ है कि कई लोगों ने उसे दबोचकर उसके सिर और सीने में गो’ली मारी हो। आगे पोस्टमा’र्टम व परिजन के बयान के बाद ही मामले में खुलासा हो सकता है।
सीमा वि’वाद में सात घंटे तक गांव में पड़ी रही ला’श
ग्रामीणों ने बताया कि दोपहर करीब दो बजे बोलेरो सवार ला’श फेंक गए। घ’टना के बाद गांव में सनसनी फैल गई। मुजफ्फरपुर व वैशाली जिले के सीमावर्ती केशराव व भिखनपुरा की सीमा पर श’व फेंका गया। मामले की सूचना गोरौल व फकुली ओपी को दी गई। बारी बारी से दोनों थाने की पुलिस पहुंची लेकिन अपने सीमा में नहीं होने के कारण शव उठाने से इनकार कर दिया। लोगों का कहना था कि श:व फकुली ओपी की सीमा में है। लेकिन पुलिस मानने को तैयार रही थी। हालांकि रात नौ बजे फकुली पुलिस श’व को उठाकर पोस्टमा’र्टम के लिए ले गई। वहीं डीएसपी पश्चिमी कृष्ण मुरारी प्रसाद ने बताया कि एक युवक का श’व मिलने की सूचना है। पुलिस को भेजा गया है।

चार म’र्डर का आ’रोपिता था आलोक
आलोक कुमार वैशाली जिले के जारंग रामपुर निवासी शिक्षक बलराम सिंह का पुत्र बताया गया है। इसके पास से डीएल भी बरा’मद हुई है। आलोक के खि’लाफ वैशाली के विभिन्न थाने में चार म’र्डर का केस दर्ज था। जानकारी के मुताबिक, हाल के दिनों में गुलशन कुमार नामक युवक की ह’त्या कर दी थी। इसके बाद से गुलशन कुमार ग्रुप ने उसे चैलेंज भी किया था। इसके बाद से वे लोग इसके पीछे पड़े हुए थे। कई बार आलोक पर जानलेवा हम’ला भी होने की बात बतायी गई है। लेकिन, इसमें वह बच निकला। इसके अलावा गोरौल के आरटीआई कार्यकर्ता जयंत सिंह ह’त्याकां’ड व अन्य में भी वां’टेड था।



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