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अगर खराब हुआ चाइनीज फोन तो दोगुना चार्ज देकर कराना पड़ेगा ठीक

गुड़गांव
चाइनीज मोबाइल खरीदने वालों के लिए ये गले की फांस बन गए हैं। अगर फोन में खराबी आ जाए तो पहले तो इनकी रिपेयरिंग मुश्किल से होगी, दूसरा हो भी गई तो उसकी दोगुनी कीमत चुकानी होगी। क्योंकि इन चाइनीज मोबाइलों के पार्ट्स अब नहीं आ रहे हैं। इसी के चलते लोग अब चाइनीज मोबाइल नहीं खरीद रहे। वे इंडियन या दूसरे देशों के बैंड प्रिफर कर रहे हैं।
‘दिल्ली से ला रहे पार्ट्स’
शहर में अधिकांश दुकानदार मोबाइल एसेसरीज व पार्ट्स दिल्ली से खरीदते हैं। काफी दुकानदार स्टॉकिस्ट को फोन पर ऑर्डर कर माल मंगवाते हैं। दुकानदारों की मानें तो चीन से आने वाले पार्ट्स नहीं आ पा रहे हैं, जिसकी वजह से इनकी शॉर्टेज बनी हुई है। दिल्ली में जिन दुकानदारों के पास इनके पार्ट्स बचे हैं, वे इन्हें ज्यादा दामों में बेच रहे हैं। मेमोरी कार्ड पर 100 रुपये, बैटरी पर 50 से 150 रुपये, स्पीकर पर 100 से 200 रुपये करीब बढ़ गए हैं।

3 गुना बढ़ गए हैं चार्ज
मोबाइल रिपेयर दुकानदार चला रहे कपिल गुप्ता ने बताया कि रिपेयिंग का सामान 2 से 3 गुना महंगा हो गया है। पहले जो फोल्डर 800 रुपये में आता था वह 1500 रुपये तक पहुंच गया है। इसी तरह चार्जिंग पत्ते के दाम 100 रुपये से बढ़कर 250 तक हो गए हैं। जो होलसेल में माल सप्लाई कर रहे हैं, उन्होंने डिमांड बढ़ने पर दाम बढ़ा दिए हैं। मोबाइल के काफी पार्ट्स ऐसे हैं, जो आसानी से नहीं मिल पा रहे हैं।

इंडियन व दूसरे देशों के फोन कर रहे पसंद
मोबाइल खरीदने वाले ग्राहक इंडियन ब्रैंड व चाइना को छोड़ कर दूसरे देशों के मोबाइल खरीदना पसंद कर रहे हैं। मोबाइल दुकानदारों की मानें तो चाइनीज मोबाइल की मांग करीब 40 से 50 फीसदी कम हो गई है। जिन दुकानों पर चाइनीज मोबाइल हैं, वो बेचने का प्रयास कर रहे हैं। शहर के सदर बाजार, ओल्ड दिल्ली रोड, डूंडाहेडा, साइबर हब, सिकंदरपुर, डीएलएफ व अन्य एरिया में मोबाइल व एसेसरीज की हजारों दुकानें हैं। डॉकखाना चौक पर मोबाइल शॉप चला रहे विशंभर ने बताया कि ग्राहक चाइनीज मोबाइल को ज्यादा पसंद नहीं कर रहे हैं। सैमसंग के साथ लावा, मोटो, टेक्नो आदि मोबाइल की बिक्री में तेजी आई है। हालांकि ऑनलाइन बाजार में चाइनीज मोबाइल बिक रहे हैं। इससे हमारे देश को नुकसान ही है क्योंकि ऑनलाइन खरीद से सारा पैसा ऑनलाइन कंपनियों व चाइनीज कंपनियों को ही जाता है।

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