बिहार के सीतामढ़ी जिले के लोगो ने जहां 35 वर्षो से एक अदद पुल के लिए प’रेशानियों का सामना कर रहे सैकड़ो लोगो ने खुद के श्रमदान से पुल का निर्माण कर खुद को और अपने गाँव को इस बार के बारिश और संभावित बा’ढ़ के ख’तरे से बचा लिया है।
सीतामढ़ी जिले के बाजपट्टी प्रखंड में मधुबन गांव है, जहां के सैकड़ो लोगो को हर वर्ष बरसात में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। बाढ़ के चले जाने के बाद भी इनकी परे’शानिया कम नही होती थी, बल्कि उसका दंश उन्हें साल के 6 माह तक झेलना पड़ता था।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि 35 वर्षो से एक अदद पुल के लिए अधिकारियों से फरियाद करते आ रहे है, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नही है। आखिरकार यहाँ के ग्रामीणों ने सरकार से मदद की आस छोड़, श्रमदान से खुद की मदद करने की सोची और आपस मे चंदा इकट्ठा कर पुल का निर्माण कर अपना रास्ता खुद बना डाला।
गाँव के ही एक व्यक्ति ने बताया कि 2017 में आई भी’षण बाढ़ में उन्हें काफी दि’क्कतों का सामना करना पड़ा था। उस वक्त एनडीआरएफ की टीम और स्थानीय प्रशासन को स्थल निरीक्षण कराया गया। बावजूद इसके अब तक तस्वीर नहीं बदली है। मजबूरन इस वर्ष बाढ़ से पूर्व लोगों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर ह्यूम पाइप लगाकर इस सड़क का निर्माण किया है।

ताकि इस बार आने वाली बाढ़ से सड़क को बचाया जा सके। स्थानीय ग्रामीण ने बताया कि ह्यूम पाइप के जरिए उन लोगों ने इस रास्ते का निर्माण किया है। ह्यूम पाइप के लिए भी स्थानीय बीडीओ को कई बार बोला गया, लेकिन उन्होंने कोई मदद नहीं की।
इसके अलावा जिले के डीएम तक इस बदहाली की शिकायत की गई है, लेकिन जिला प्रशासन द्वारा अब तक कोई पहल नहीँ हुई ।बरसात और बाढ़ को देखते हुए ग्रामीण खुद आगे आए और अपना रास्ता खुद बना डाला।



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