मुजफ्फरपुर। श्रावण मास की छह जुलाई से शुरुआत हो रही है। इस संबंध में बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष अखिलेश कुमार जैन ने राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी आदेश के आलोक में श्रावण मास पर दिशा निर्देश दिए हैं। बंदरा प्रखंड के अति प्राचीन बाबा खगेश्वर नाथ मंदिर न्यास समिति के सचिव वैद्यनाथ पाठक ने शनिवार को बताया कि न्यास परिषद की गाइडलाइन के मुताबिक श्रावण मास में मंदिर में जलाभिषेक की व्यवस्था की जाएगी। कोरोना संक्रमण के चलते मेला का आयोजन इस बार नहीं होगा।

ये हैं निर्देश
बिहार राज्य धाíमक न्यास परिषद जारी निर्देश में 65 वर्ष से अधिक और 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को मंदिर में नहीं आने की सलाह दी गई है। मंदिर आने वाले सभी भक्तों को नाक व मुंह को मास्क, गमछा या रुमाल से ढकना अनिवार्य है। मंदिर के प्रबंधक व व्यवस्थापक श्रद्धालुओं के बीच कम से कम तीन फीट की दूरी के पालन की व्यवस्था करेंगे। दर्शनार्थियों के हाथों को सैनिटाइज कराने या साबुन से धोने की जगह-जगह पर व्यवस्था करेंगे। शिवलिंग, विग्रह आदि को हाथ से छूने पर पूर्णरूप से रोक लगाई गई है। श्रद्धालु दूर से ही अरघा में जल अर्पण करेंगे। मंदिर प्रबंधन को अधिकार दिया गया है कि समयानुसार भीड़ नियंत्रित करने के लिए प्रशासन का सहयोग ले सकता है। इसके साथ ही वह आवश्यक कदम भी उठा सकता हैं। साथ ही दर्शन आदि पर अस्थाई रूप से रोक भी लगा सकते हैं। संक्रमण से बचाव के लिए निर्धारित मापदंडों का पालन कराने की जिम्मेदारी मंदिर प्रशासन पर होगी।



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