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पाकिस्तान और चीन को छोड़िए अब तो नेपाल कर रहा है अतिक्रमण, बिहार बॉर्डर पर हालात बि’गड़ रहे हैं…

PATNA : भारत और नेपाल के बीच रिश्ते तेजी से बिगड़ रहे हैं। चीन के उकसावे पर नेपाल लगातार भारत विरोधी नीति पर आगे बढ़ रहा है। चीन ने भारत के खिलाफ काम करने के लिए नेपाल को लगातार फंडिंग जारी रखी है और इसी का नतीजा है कि नेपाल लगातार सीमा पर भारत के खिलाफ तनाव पैदा कर रहा है। भारत और नेपाल की सबसे लंबी सीमा बिहार में है। बिहार में तकरीबन सवा सात सौ किलोमीटर लंबी सीमा पर दोनों तरफ तरह देखा जा सकता है। जिस नेपाल को बिहार ने कभी गैर मुल्क नहीं समझा वह आज बंदिशें लगाए जा रहा है सीमा पर चीन के बने टेंट में नेपाली जवान कैंप कर रहे हैं और नेपाल की तरफ से बॉर्डर पर जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे भी लगा दिए गए हैं।

भारत और नेपाल के बीच बढ़ी तल्खी का असर यह है कि बॉर्डर पर हर 100 मीटर की दूरी के ऊपर नेपाली सेना ने एक चेक पोस्ट बना रखा है। सीमा पर नेपाल आर्म्ड फोर्स के जवान तैनात हैं और वह बॉर्डर क्रॉस करने वाले लोगों को लगातार रोक रहे हैं। बाढ़ के हालात के बीच गंडक बराज को पहली बार सील किया गया है साथ ही साथ वाल्मीकिनगर आश्रम और सुस्ता के इलाके में जाने पर भी पाबंदी से लगा दी गई है। नेपाल की तैयारी भारत से लगने वाली साढ़े 17 सौ किलोमीटर लंबी सीमा पर 200 से ज्यादा चेक पोस्ट बनाने की है। बिहार से लगने वाली नेपाल की सीमा पर तकरीबन 94 पोस्ट बनाए जाने हैं। इतना ही नहीं नेपाल अब भारतीय क्षेत्र के अंदर भी अतिक्रमण का प्रयास कर रहा है। नेपाल सीमा पर कुल इजे दर्जन नो मैन्स इलाकों में अतिक्रमण किया गया है। एसएसबी के अधिकारियों की माने तो गंडक नदी के कटाव के कारण सुस्ता के साथ-साथ कुछ अन्य इलाकों में जमीन को लेकर नेपाल के साथ विवाद है और एक दर्जन से अधिक के नो मैंस लैंड एरिया में अतिक्रमण का मामला है। इस विवाद को सुलझाने का प्रयास जारी है। भारत ने भी नेपाल की हरकत को देखते हुए अपनी सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि भारत-नेपाल सीमा पर तकरीबन 8000 पिलर्स डाले गए थे जिनमें से 12 सौ के करीब गायब हैं। पिलर्स को हटाने के पीछे अतिक्रमण किया जाना और कहीं न कहीं सीमा विवाद को बढ़ाया जाना मकसद हो सकता है।

नेपाल में चीन के उकसावे पर भारत के खिलाफ अब तक के जो कदम उठाए हैं उनमें गंडक नदी के इस पार सुस्ता गांव में पुल निर्माण कार्य को रोका जाना साथ ही साथ नरकटियागंज के भिखनाठोड़ी में एक जलबहाव को बाधित किया जाना ताकि एसएसबी के जवानों को परेशानी हो। यह जलबहाव कैंप के 50 मीटर की दूरी पर है और यहीं से इस कैंप में बोरिंग का पानी पहुंचता है। इसके नेपाल में वाल्मीकि नगर के त्रिवेणी घाट के पास बांध मरम्मत काम को रोक दिया था जिसके कारण सलुइस गेट का निर्माण ठप है। पूर्वी चंपारण के बलुआ के पास बांध मरम्मत काम को भी नेपाल ने रोका साथ ही साथ सीतामढ़ी के बैरगनिया में बांध निर्माण कार्य को लेकर तनातनी सामने आ चुकी है। सीतामढ़ी से भीठामोड जा रही सड़क पर अप्रोच रोड बनाए जाने का नेपाल ने विरोध किया। जयनगर के इनरवा बॉर्डर के पास कमला नहर का तटबंध टूट गया लेकिन नेपाल ने मरम्मत कार्य रोक कर यहां सशस्त्र बल की तैनाती कर दी। ऐसे कई मामले हैं जहां नेपाल अपनी मनमर्जी कर रहा है और लगातार भारत को सख्त रूख अपनाने के लिए मजबूर।

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