अयोध्या राम मंदिर निर्माण के लिए श्रीरामजन्मभूमि न्यास की कार्यशाला में पिछले 28 वर्षों से रखे हुए पत्थरों को चमकाने का काम शुरू हो गया है। इन पत्थरों की साफ-सफाई का काम भारतीय कंपनी केएलए कंस्ट्रक्शन के क्लीन एंड क्योर ब्रांड को दिया गया है।ट्रस्ट के महासचिव ने कंपनी को कार्य के लिए शुक्रवार को हरी झंडी दे दी है। कार्यशाला में राममंदिर की एक मंजिल के लिए करीब सवा लाख घनफुट पत्थर तराशकर रखे गए हैं। लंबे समय से खुले आसमान में होने के कारण, इन पत्थरों ने धूप, बरसात, गर्मी, सर्दी सब कुछ सहन किया जिसके चलते इन पत्थरों पर काई जम गई है और इनकी रंगत भी गायब हो गई है।
बताते_चलें कि पिछले कुछ दिनों से देशी व विदेशी कई कंपनियों ने अयोध्या आकर पत्थरों की साफ-सफाई के लिए ट्रायल दिया। जिसमें जर्मन की प्रसिद्ध कंपनी एकेमी भी शामिल थी। इसी बीच दिल्ली की कंपनी केएलए ने भी राम कार्य की भावना से पत्थरों की सफाई का ट्रायल दिया।
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि हम स्वदेशी के पोशक हैं। इसलिए स्वदेशी कंपनी का ही चयन किया गया है। अन्य कंपनियों के तुलना में केएलए कंपनी का काम अच्छा है, उनके द्वारा दिए गए ट्रायल के बाद कुछ पत्थर ऐसे चमक गए हैं जैसे कि वे अभी नए तराशे गए हैं।केएलए कंस्ट्रक्शन की क्लीन एंड क्योर शाखा के सीईओ संदीप गर्ग ने बताया कि ट्रस्ट उनके कार्य से खुश है। ट्रस्ट की ओर से पत्थरों की सफाई के लिए हरी झंडी दे दी गई है। हमने इस कार्य को तेजी से करने का निर्णय लिया है। इसके लिए दिल्ली से 20 कर्मियों को तत्काल अयोध्या बुलाया गया है।
बताया_कि चूंकि करीब सवा लाख घनफुट पत्थर हैं, इसलिए इनकी साफ-सफाई में करीब तीन माह लग जाएंगे। कहा कि ट्रस्ट ने कई कंपनियों का काम देखा, जिसमें विदेशी कंपनियां भी शामिल थीं, लेकिन अंत में स्वदेशी की भावना के अनुरूप हमारी कंपनी का चयन किया गया है। यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि हम राम कार्य में जुटने का गौरवशाली अवसर मिल रहा है।

पत्थरों की सफाई में प्रयुक्त होंगे 23 प्रकार के केमिकल
कंपनी के सीईओ संदीप गर्ग ने बताया कि उनकी कंपनी केएलए कंस्ट्रक्शन की क्लीन एंड क्योर शाखा पुरातात्विक, ऐतिहासिक धरोहरों, बिल्डिंगों, मठ-मंदिरों के सौंदर्यीकरण एवं उनकी साफ-सफाई का काम वर्षों से करती आ रही है। भारत की कई पुरातात्विक बिल्डिंगों को सुदृढ़ कर उन्हें चमकाने का काम किया जा चुका है। बताया कि पत्थरों में काफी गहराई तक काई जम गयी है जिससे पत्थर काले पड़ गए हैं। इनको साफ करने के लिए 23 प्रकार के केमिकल प्रयोग किए जाएंगे जिनमें स्टोनी क्लीनर, एल्गो रिमूवर, स्टेन रिमूवर, रस्ट रिमूवर, सीमेंट रिमूवर, पेंट रिमूवर आदि शामिल हैं। संदीप गर्ग ने बताया कि राममंदिर के लिए जो पत्थर तराशे गए हैं। उनकी आयु करीब एक हजार साल हैं। यदि इनको अच्छे से सहेजा गया तो वर्षों तक यह मंदिर चमकता रहेगा।



Leave a Reply