कोरोना महामारी के बीच लाॅकडाउन के कारण सभी स्कूल, कॉलेज एवं ट्यूशन सब बंद है और ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के पास न तो स्मार्ट फोन है न टेलीविजन ऐसे में बच्चे पढ़ाई से वंचित हो रहे थे। जिन्हें लॉकडाउन होने के कुछ दिन बाद से ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के द्वारा ग्रामीण बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने का अभियान शुरू किया गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य व समाजसेविका रोमिता श्रीवास्तव के द्वारा पारू प्रखंड के ग्यासपुर गांव में अपने आस पास के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देने की व्यवस्था किया गया। रोमिता श्रीवास्तव ने कहा कि वो पहले भी बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देती आयी है और 50 महिला को साक्षर भी किया है। 10 वीं कक्षा से ही वो समाजसेवा करती आ रही हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा देकर वो बहुत गर्व महसूस कर रहीं हैं। बच्चे भी उत्साह के साथ पुरे मन से पढ़ाई कर रहे हैं और उनके अभिभावक भी बहुत खुश है।

बच्चों की शिक्षा को लेकर चिंतित थे, जिससे उन्हें काफी राहत हुई है बताया कि इस कोरोना महामारी के कारण बच्चों की शिक्षा पर बहुत बुरा असर पड़ा है। ऎसे में सभी को चाहिए कि आसपास के बच्चों को पढ़ाएं।
खिलेन, प्रवीण, ऋषभ,राजनंदनी, साहिल,प्रशांत, कृति, श्रेया आदि। बच्चे पढ़ाई करते हैं।




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