एक बार सभी भक्तजन भगवान् जगरनाथ बाबा के नाम से जयकारा अवश्य लगाएंगे जय जगन्नाथ धाम सभी की मनोकामना पूर्ण करें
आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष के द्वितीया को भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा शुरू होती है। जगन्नाथ मतलब ,जगत का नाथ यानी दुनिया का मालिक। भगवान श्री जगन्नाथ नारायण के अवतार हैं, जो सोलहो कला से परिपूर्ण है। पुरी में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकलती है। सबसे आगे बलभद्र जी का रथ, उसके बाद सुभद्रा जी का, तत्पश्चात स्वयं भगवान श्री जगन्नाथ जी का रथ यात्रा होता है।

मोकामा में भी भव्य रथयात्रा निकाली जाती है। रथयात्रा,ठलेसरी बाबा ठाकुरवाड़ी से शुरू होकर सम्पूर्ण मोकामा का परिभ्रमण करते हुए पुनः ठलेसरी बाबा ठाकुरवाड़ी के पास ही इसका समापन होता है। मोकामा वासी असीम उल्लास से इस पवित्र रथयात्रा में भाग लेते हैं।

संवाद सूत्र :राम शरणागत मिश्र जानीपुर से



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