BIHARBreaking NewsSITAMARHISTATE

#SITAMARHI: कोरोना केयर सेंटर प्रभारी समरेंद्र नारायण वर्मा के जज्बे को देखकर कोरोना मरीजो को मिल रही उर्ज़ा…

सीतामढ़ी के जिला सामुदायिक प्रबंधक (DCM) और वर्तमान में कोरोना काल में सीतामढ़ी के कोरोना केयर सेंटर प्रभारी समरेंद्र नारायण वर्मा के जज्बे को देखकर कोरोना मरीजो को मिल रही है उर्ज़ा।

एक तरफ लोग कोरोना बीमारी के नाम से डरते हैं, कोरोना मरीज से लोग पूर्णतः दूरी बनाते हैं । लेकिन कल्पना कीजिये उस इंसान का जो दिन रात कोरोना मरीजों की सेवा में लगे हैं।
जी हां, सीतामढ़ी कोरोना केयर सेंटर प्रभारी समरेंद्र नारायण वर्मा दो माह से घर नहीं गए हैं । लगातार पूरे तन मन से सीतामढ़ी को कोरोना मुक्त करने में लगे हैं।
समरेंद्र नारायण वर्मा एक तेज तर्रार, कर्तव्यनिष्ट एवं कुशल ऑफिसर हैं तभी तो जिले में निर्वाचन का समय हो या प्राकृतिक आपदा एवं जिला प्रशासन का कोई कार्यक्रम हो या कोई समाजिक सांस्कृतिक आयोजन इनकी भूमिका बढ़ जाती है। और ये बड़ी ही कुशलतापूर्वक उस आयोजन को सफल बनाते हैं, उसे मुकाम तक पहुँचाते हैं । पिछले साल लोकसभा चुनाव के दौरान भी जिला प्रशासन द्वारा इन्हें ‘स्वीप कोषांग’ का नोडल ऑफिसर बनाया गया था। इनके नेतृत्व में ही स्वीप कोषांग जन जन तक चुनाव जागरूकता को व्यापक स्तर पर प्रसारित किया था। समरेंद्र वर्मा वर्तमान में सीतामढ़ी में ASHA हेल्थ वर्कर के भी प्रभारी हैं ।अभी पुनः जब पूरा विश्व और भारत देश कोरोना से संक्रमित है।तो बिहार के सीतामढ़ी में कोरोना केयर सेंटर/ आइसोलेशन सेंटर का प्रभारी समरेंद्र नारायण वर्मा को बनाया गया है ।
#वे दो महीना से घर नहीं गए हैं ।पत्नी एवं बच्चें से फोन पर बात कर लेते हैं । कभी कभार गए भी तो बाहर से ही, दूर से मिलकर वापस आ जाते हैं । ये सुरक्षा के लिए भी जरूरी है । पत्नी को अस्थमा रोग है, उन्हें दर्द शुरू हो जाता है, फिर भी समरेंद्र नारायण वर्मा ड्यूटी छोड़कर घर नहीं जा पाते हैं । वीडियो कॉल से ही काम चला लेते हैं। उनके कार्यों में उनकी पत्नी शालिनी खूब मदद करती हैं । पत्नी शालिनी के सहयोग से समरेंद्र नारायण वर्मा कोरोना सेंटर पर तन मन से इतना समय देकर सेवा कर पाते हैं । पहले समरेंद्र नारायण वर्मा सिविल डिफेंस सेवा से जुड़े थे। सदर हॉस्पिटल में डीसीएम समरेन्द्र नारायण वर्मा कहते हैं इतना आसान नहीं था कोरोना केयर सेंटर में सेवा करना। क्योंकि कोरोना का खौफ था। लोग साफ सफाई करने से खाना पहुँचाने से भी डरते थे । ऐसे में उनके मन का डर दूर करना जरूरी था। उन्हें सुरक्षा के सारे निर्देशों से अवगत कराना जरूरी था। फलतः उन्होंने बेहतरीन डॉक्टरों की टीम बनाई । डॉक्टरों की बहुत मदद रही कोरोना केयर सेंटर पर समरेंद्र नारायण वर्मा भी कहते हैं डॉक्टर का योगदान सबसे ज्यादा है।


समरेंद्र नारायण वर्मा वार्ड में साफ सफाई भी खुद ही करने लगे मरीज के वार्ड के कचरा खुद जलाने लगे । इससे कोरोना मरीज में भय कम हुआ , उन्हें खुला आसमान भी दिया, ताकि वो मानसिक रूप से भी स्वस्थ हो सके,पॉजिटिव सोच सके।
यहां तक कि अपने निजी कोष से भी कई बार मरीजों के मोबाइल रिचार्ज तो कभी कभी खाने पीने की कुछ जरूरी सामान उपलब्ध करा देते हैं। छोटे उम्र के बच्चे,जो कोरोना मरीज हैं उनके लिए समरेंद्र वर्मा दूध की भी व्यवस्था करा देते हैं ।

समरेंद्र नारायण वर्मा को खुद भी कोरोना से बचने हेतु सारे उपाय सख्ती से अपनाने हैं। वो अक्षरशः स्वस्थ विभाग के निर्देशों का पालन भी करते हैं। अभी तक तीन बार उनकी जाँच हो चुकी है, तीनों बार ईश्वर की दया से इनकी रिपोर्ट नेगेटिव आयी.सीतामढी के सभी मेडिकल टीम के मेहनत का फल है कि 120 कोरोना पॉजिटिव मरीज मे 102 मरीज स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं,अब जिले मे 17, एक्टिव केस बचा है।

संवाद सूत्र : रामशरणागत मिश्रजानीपुर से

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.