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#MUNGER: पुलिस की का’र्रवाई में 13 अ’पराधी गि’रफ्तार, लू’ट के कई मामलों का हुआ खुलासा…

मुंगेर पुलिस की का’र्रवाई में 13 अप’राधी गिर’फ्तार
लू’ट के कई मामलों का हुआ खुलासा

एक मास्केट 5 कट्टा 13 गो’लियां दो छुरा और चार बाइक ब’रामद गि’रफ्तार अपरा’धियों ने कई मामलों ने स्वीकारी सं’लिप्तता

पुलिस की सतर्कता से ह’त्या की वा’रदात को टाला गया

लू’ट के सिलसिलेवार घ’टनाओं को अंजाम देने की थी तैयारी

बेगूसराय, लखीसराय, भागलपुर और झारखंड में सक्रिय थे अ”पराधी

लू’ट और ड’कैती की वा’रदातों को अंजाम देने के लिए तीन गैंग हुए थे एकजुट
पुलिस की का’र्रवाई से लू’ट की कई घ’टनाओं को रोका गया

मुंगेर पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि कासिम बाजार थाना अंतर्गत हसनगंज ब्रह्म स्थान के पास एक बगीचे में कुछ अप’राधियों का जमावड़ा हुआ है. अ’पराधी किसी वार’दात को अंजाम देने के लिए जुटे हैं और कुछ हथियार होने की भी सूचना पुलिस अधीक्षक को मिली थी। सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक द्वारा छापामा’री दल का गठन किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक हरिशंकर कुमार के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। टीम में एसआईओयू प्रभारी विनय कुमार, कासिम बाजार थानाध्यक्ष, सफियासराय ओपी अध्यक्ष, वासुदेव पुर ओपी अध्यक्ष को शामिल कर छापामारी दल का गठन किया गया। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में 13 अपराधी गिरफ्तार किए गए हैं। गिरफ्तार अपराधी लूट और डकैती की घटनाओं को अंजाम देते थे तथा उन्होंने कई लूट कांडों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। इनकी योजना बड़े पैमाने पर लू’ट की वा’रदातों को अंजाम देने की थी। गिर’फ्तार अप’राधियों के पास से छह हथियार और 13 गो’लियां मिली है। लूट की दो बाइक भी पुलिस ने बरामद की है। गि’रफ्तार अपराधियों ने ही संदलपुर ओपी के पास फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने लूट की घटनाओं को अंजाम देने में इस्तेमाल की जाने वाली दो बाइकों को भी जब्त किया है। पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह के निर्देश पर की गई का’र्रवाई के दौरान कुल 13 अ’पराधी गि’रफ्तार हुए हैं। गिरफ्तार अपराधियों में मोहम्मद निजाम आलम उर्फ गुड्डू मियां साकिन हाजी सुभान, अजय साह उर्फ पांडा साकिन हसनगंज थाना सफिया सराय, गौरव यादव साकिन संदलपुर झाझा टोली, मिथुन दास साकिन मिल्की चक, संतोष मंडल साकिन राम नगर मोर्चा, रवि राज उर्फ रवि यादव साकिन संदलपुर, वीरेंद्र यादव उर्फ कारू यादव साकिन संदलपुर, संतोष यादव उर्फ कुर्रा साकिन संदलपुर झाझा टोली, राजा कुमार यादव साकिन छोटी मिर्जापुर, नीरज यादव साकिन छोटी मिर्जापुर, ओमप्रकाश सिंह उर्फ फंटूश साकिन बड़ी आशिकपुर, छोटू यादव साकिन शिव कुंड छर्रा पट्टी, चंदन कुमार साकिन लगमा शिवकुन्ड को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अपराधियों के पास से एक देसी मासकेट, 5 देशी पिस्तौल, .315 बोर की 13 गोलियां, एक डाइगर छुरा, एक चाकू, कुछ सिगरेट और गुटका, लूट की दो बाइक, लूट एवं फायरिंग में इस्तेमाल की गई दो बाइक तथा लूटी गई राशि 4500 रूपए बरामद हुए हैं।

साफियासराय ओपी क्षेत्र में लूट की एक वारदात को अंजाम दिया गया था जिसमें इन अपराधियों की भूमिका थी। साफियासराय ओपी क्षेत्र से लूटी गई बाइक बरामद कर ली गई है। सभी अपराधियों का एक लंबा इतिहास रहा है और इस गैंग के द्वारा लूट की कई घटनाओं को अंजाम दिया गया था। कुछ दिनों पहले तीन गैंग ने आपसा में मिलकर लूट और डकैती की कई घटनाओं को अंजाम देने की योजना बनाई थी। पांडा गैंग, गुड्डू मियां गैंग, गौरव यादव गैंग ने आपस में मिलकर लूट कांडों को अंजाम देने की योजना बनाई थी तथा लूट के बाद लूटे गए सामानों को खपाने का काम छोटू यादव, चन्दन प्रसाद, संतोष मण्डल, फंटूश सिंह को दिया गया था।
गिरफ्तार सभी अपराधी बिहार के कई जिलों में सक्रिय रहे हैं। झारखंड में भी इन अपराधियों की सक्रियता रही है। हाजी सुभान निवासी निजाद आलम उर्फ गुड्डू मियां ने हत्या की कई वारदातों को अंजाम दिया था तथा इस पर यूएपीए की प्राथमिकी भी दर्ज थी। गिरफ्तार सभी अपराधियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। साफियासराय ओपी क्षेत्र में लूट की वारदात को एक चुनौती के तौर पर लिया गया था और 7 दिन के अंदर ही लूटी गई बाइक को बरामद किया गया और सभी अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। सभी अपराधियों का जमावड़ा फंटूश सिंह के घर पर हुआ था। वहीं से अपराध की योजना बनी थी और इसके बाद अलग-अलग समूहों में बंट कर अपराधियों द्वारा लूट की कई वारदातों को एक ही दिन अंजाम दिए जाने की तैयारी थी। गिरफ्तार अपराधियों ने यह भी स्वीकार किया है कि लॉक डाउन की अवधि के दौरान इनकी आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई थी और इनकी मंशा लूट की कई वारदातों को अंजाम देने की थी। गिरफ्तार अपराधियों में से शामिल संतोष मण्डल, छोटू यादव और चंदन कुमार लूट की बाइकों को खपाने का काम करते थे। लूटी गई बाइक को कम दाम में खरीदकर अधिक दान में बेचना इनका इनकी कार्यशैली थी।

अजय साह उर्फ पांडा द्वारा लूट की कई घटनाओं को अंजाम दिया गया था। गंगटा थाना अंतर्गत मथुरा गांव में मार्च महीने में इसने बाइक लूट की घटना को अंजाम दिया था। मथुरा निवासी मिथुन यादव के साथ मिलकर उसने लूट की घटना को अंजाम दिया था। हालांकि उस मामले में किसी प्रकार की कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई थी। गंगटा थाना को बाइक की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। 2018 में देवघर में इसने एक मुखिया के भाई की हत्या की थी। छह लाख रूपए में देवघर के मुखिया के भाई की हत्या की डीलिंग हुई थी और दो अपराधियों के साथ जाकर अजय साव उर्फ़ पांडा ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। 10 साल पहले भी जेल जा चुका है। सफिया सराय ओपी क्षेत्र में लूट की वारदात को अंजाम देने से पहले इसने संदलपुर ओपी के पास और मकससपुर में फायरिंग की थी। फायरिंग करने के बाद इसने साथियों के साथ हैरू दियारा के रास्ते सफिया सराय रोड जाकर आईटीआई कॉलेज के पास इसने एक बाइक लूट की घटना को अंजाम दिया था।

निजाद आलम उर्फ गुड्डू मियां द्वारा जेल गेट पर सिपाही को गोली मारी गई थी। समस्तीपुर के रोसड़ा में हत्या की नीयत से यह गया था और वहां हथियार के साथ इसे गिरफ्तार कर लिया गया था। 07 जुलाई 2009 में इसने एकतरफा प्यार में एक लड़की को गोली मारी थी। उसके बाद 14 जुलाई 2009 को इसके घर हुई छापेमारी में 8 बम, 1 छह चक्रीय रिवाल्वर और एक कट्टा बरामद हुआ था। बेगूसराय में वर्ष 2016 में पावर हाउस चौक पर पूर्व जिला परिषद सदस्य टुन्ना राय की इसने हत्या कर दी थी। हत्या के लिए तीन लाख रूपए में डील हुई थी। कोडरमा में वर्ष 2013 में हत्या की नीयत से गया था लेकिन हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया गया था। 2014 में इसके ठिकाने पर एसटीएफ़ की छापामारी हुई थी तो इसके घर से मॉडिफाइड एके 47 बरामद हुआ था। एके 47 को मोडीफाय कर उसे इंसास जैसा बनाया गया था। उस मामले में इसके खिलाफ आर्म्स एक्ट और यूएपीए की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मुफस्सिल थाना अंतर्गत पाँच नंबर गुमटी पर 23 जनवरी को हुई फायरिंग में भी यह शामिल शामिल था। उसने स्वीकार किया है कि प्रिंस सिंह नाम कर अपराधी विवादित जमीन पर कब्जे को सहयोगियों को साथ लेकर गया था और उसके द्वारा अपराधियों को इकट्ठा कर वहां फायरिंग कराई गई थी। प्रिंस सिंह और मनोज यादव के बीच जमीन का विवाद चल रहा था।

गिरफ्तार अपराधी संतोष मंडल पर भी कई मामले दर्ज हैं। 2007 में इसने मोती तांती की हत्या आपसी वर्चस्व की लड़ाई में कर दी थी। 2013 में हवेली खड़गपुर थाना अंतर्गत राजा रानी तालाब के पास पंकज मंडल को गोली मारी थी। 2013 में जमालपुर निवासी भरत यादव पर फायरिंग के मामले का भी अभियुक्त है। 2013 में हवेली खड़गपुर थाना द्वारा इसे हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया था। 2011 में नया रामनगर थाना क्षेत्र में इसने फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था।

गि’रफ्तार अप’राधी गौरव यादव का भी काफी लंबा अपराधिक इतिहास है। 2006 में इसने संदलपुर झाझा टोली में सीताराम दास की हत्या की थी। 2007 में इसकी गिरफ्तारी हुई थी और साढ़े चार साल यह जेल में रहा। 2013 में सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में बाइक लूट की घटना को अंजाम देने के बाद इसे गिरफ्तार किया गया था। 2015 में संदलपुर झाझा टोली स्थित घर से इसे गिरफ्तार किया गया था और हथियारों की बरामदगी हुई थी। 2016 में भी कई बार इसके खि’लाफ प्राथमिकी दर्ज हुई। 2017 में नव टोलिया में इसने एक दलित को गो’ली मा’र दी थी। 2018 में इसने लगातार लू’ट की तीन वा’रदातों को अंजाम दिया था। इसी साल होली के दिन भी इसने एक व्यक्ति को गोली मार दी थी। गौरव यादव के खिलाफ 8 से अधिक मामले दर्ज हैं और इसका भाई संतोष यादव उर्फ कुररा भी अपराधी रहा है। गिरफ्तार किए गए सभी अपराधी कई सालों से अपराध जगत में सक्रिय रहे हैं और इनका अपराध से पुराना नाता रहा है।

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