विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं में तेजी लाने को कहा
- साहेबगंज प्रखंड में एमओआईसी ने आशा के साथ की बैठक
- कोरोना से बचाव के लिए जरुरी साधनों को अपनाने के लिए मिला निर्देश
मुजफ्फरपुर। 4 जून
लॉकडाउन में स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रभावित न हों। सभी लोगों को उचित स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती रहे। इसके लिए साहेबगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ ओम प्रकाश ने आशा के साथ गुरुवार को बैठक की। इस बैठक में 43 आशाओं ने भाग लिया। जिसमें उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौरान आशा के लिए सबसे अहम है लोगों से सामाजिक दूरी को बनाए रखना। जिसका की उन्हें पालन करना है। वहीं वह गृह भ्रमण के दौरान लोगों को मास्क तथा हाथ धोने के तरीकों को भी बताएंगी। कोरोना के लक्षण तथा उससे संबंधित निदान भी वह लोगों को सुझाएगी। इसके अलावे आशा को परिवार नियोजन के स्थायी साधन और अस्थायी साधन के बारे में जानकारी दी। वहीं आरोग्य दिवस को लेकर भी बात की जिसमें उनसे कहा गया कि टीकाकरण को ड्यू लिस्ट के अनुसार करें। टीकास्थल पर ज्यादा भीड़ न हो इसके लिए वे सामाजिक दूरी का पालन करवाएंगी।सभी तरह के टीके पड़ रहे हैं कि नहीं इस बात का ख्याल रखा जाय। महिलाओं को आयरन और फॉलिक एसिड की गोली मिलती रहे इसका ध्यान रखा जाय। कालाजार अभियान के तहत लोगों को इसके बारे में जागरुक करते रहना है।

जेई और एईएस पर अभिभावकों को निरंतर जागरुक करने की आवश्यकता है। जिसमें उन्हें भूखे न सोने देना। चमकी के लक्षण मिलते ही नजदीकी सरकारी अस्पताल लाना शामिल है। महिलाओं तथा किशोरियों मे अनीमिया की कमी के प्रति लोगों में जागरुकता के लिए भी पहल करनी है। कोरोना संक्रमण के दौर मे भी लोग स्वास्थ्य योजनाओं से लाभ पाएं यही इस बैठक का उद्देश्य है। मौके पर एमओआईसी डॉ ओम प्रकाश, बीएचएम संजय और केयर के ब्लॉक मैनेजर अमलेश समेत आशा मौजूद थीं।

कांटी में मना आरोग्य दिवस
कांटी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ यूपी चौधरी ने कहा कि प्रखंड में 26 जगहों पर वीएचएसएनडी लगा कर आरोग्य दिवस के मौके पर टीकाकारण का कार्य हुआ। इस अवसर पर कैंप लगाकर बच्चों को टीके लगाए गए व महिलाओं को परिवार नियोजन को लेकर जागरूक किया गया। एएनएम ने कैंप में शामिल महिलाओं को परिवार नियोजन के लिए स्थायी व अस्थायी साधनों की जानकारी दी। साथ ही महिलाओं के बीच परिवार नियोजन के अस्थायी साधनों का नि:शुल्क वितरण किया गया। गर्भ-निरोधक गोली (माला-एम एवं माला-एन), कंडोम व इमरजेंसी कंट्रासेपटीव पिल्स आदि का भी वितरण किया गया। महिलाओं को बताया गया कि ‘अंतरा गर्भ निरोधक इंजेक्शन का इस्तेमाल एक या दो बच्चों के बाद गर्भ में अंतर रखने के लिए दिया जाता है। ‘छाया गर्भ निरोधक एक साप्ताहिक टेबलेट है। इसे सप्ताह में एक बार सेवन करना होता है। कैंप में प्रसव पूर्व जांच भी की गयी। डॉ चौधरी ने बताया कि परिवार नियोजन साधनों के इस्तेमाल में बढ़ोतरी के लिए आरोग्य दिवस पर आने वाली महिलाओं को एएनएम के द्वारा परिवार नियोजन के साधनों के बारे में जानकारी दी जा रही है। गर्भवती माताओं को प्रसव के बाद परिवार नियोजन के बास्केट ऑफ़ चॉइस के बारे में एएनएम विस्तार से जानकारी दे रही है। धात्री माताओं को भी बच्चों में अंतराल रखने की सलाह के साथ उपलब्ध साधनों के बारे में भी बताया जा रहा है।




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