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कोरोना का अबतक इलाज नहीं, सजग और सतर्क रहकर ही रह सकते सुरक्षित- CM नीतीश

कोविड-19 से बचाव के लिए किए जा रहे कार्यो की सीएम नीतीश कुमार ने उच्चस्तरीय समीक्षा की. समीक्षा के दौरान सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर अन्य राज्यों से आये बिहार के लोगों की डोर टू डोर स्क्रीनिंग करायी जाए. साथ ही अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों को चिन्हित कर उनकी स्क्रीनिंग करने पर विशेष ध्यान दिया जाए. बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं की भी टेस्टिंग कराए जाने का निर्देश देते हुए सीएम ने कहा कि उनमें संक्रमण से खतरा अधिक है.

अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों के इलाज के लिये निजी अस्पताल एवं निजी क्लिनिक,नर्सिंग होम का संचालन सुचारू रूप से हो, इसको अधिकारी सुनिश्चित करे. सभी जिलों एवं चिन्हित स्वास्थ्य संस्थानों में टेस्टिंग की अधिकाधिक व्यवस्था सुनिश्चित कराया जाए. अब राज्य के बाहर के काफी लोग वापस आ चुके हैं और संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ रही है इसलिये चिकित्सकीय सुविधाओं के साथ-साथ प्रोटोकॉल के अनुरूप आइसोलेशन वार्डस एवं बेड्स की संख्या बढ़ाए जाने का सीएम ने निर्देश दिया. 


कोरोना संक्रमण से बचाव के लिये बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है. जागरूकता अभियान में पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करें. कोरोना का अब तक कोई इलाज नहीं है इसलिये सचेत एवं सतर्क रहें तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, इससे डरने की आवश्यकता नहीं है. सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें.

सीएम ने कहा कि कोरोना संक्रमण की गंभीरता को समझना होगा. लोग धैर्य बनाये रखें, सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के साथ-साथ मास्क का निश्चित रूप से प्रयोग करें. सरकार द्वारा लोगों की हरसंभव मदद की जा रही है. लोगों के सहयोग से ही हम सब इस महामारी से निपटने में सफल होंगे.

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